सहायक निदेशक डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल को कार्यक्रमों में बुलाने के लिए प्राथमिक से लेकर डिग्री कॉलेजों तक जबरदस्त होड़

सहायक निदेशक डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल को कार्यक्रमों में बुलाने के लिए प्राथमिक से लेकर डिग्री कॉलेजों तक जबरदस्त होड़

 रेनबो न्यूज़ 24/1/23

देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है इसलिए शिक्षा विभाग में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सभी जगह कार्यक्रमों हो रहे हैं, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल को ध्वजारोहण हेतु बुलाने के लिए प्राथमिक से लेकर महाविद्यालयों तक जबरदस्त होड़ चल रही है

प्रधानाचारयो द्वारा सहायक निदेशक को भेजे गए आमंत्रण पत्रों से इस बात की पुष्टि होती है ,आखिर इसका कारण क्या है ? इसको जानने का प्रयास करने पर पता चला कि विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं छात्र छात्राएं कुछ नया एवं विशेष ज्ञान और विज्ञान से संबंधित सुनने के लिए डॉ घिल्डियाल को अपने विद्यालय में बुलाना चाहते हैं और वार्षिकोत्सव तथा रिपब्लिक डे इसके लिए बहुत अच्छा अवसर होता है

शिक्षकों का कहना है ,कि सहायक निदेशक डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल एक ऐसे अधिकारी हैं ,जिनको लगभग सभी विषयों का ज्ञान है, उनका वक्तव्य ऐसा होता है, कि कब समय गुजर गया सुनने वालों को भान ही नहीं रहता है, सीनियर छात्र ही नहीं अपितु प्राथमिक के छात्र भी उनकी बात को बड़े गौर से सुनते हैं, उनके किसी भी विद्यालय में आने की भनक से सभी में एक अलग ऊर्जा का और उत्साह का संचार हो जाता है

इस संबंध में संपर्क करने पर सहायक निदेशक डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा कि यह सभी लोगों का प्रेम है, कि वह मेरी ज्ञान एवं विज्ञान से जुड़ी हुई शिक्षा संबंधी बातों को सुनना चाहते हैं, उनका प्रयास रहेगा कि भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति पर आधारित प्राचीन इतिहास को बच्चों के सामने रखा जाए जिससे हिंदी, अंग्रेजी एवं सशक्त माध्यम से पढ़ रहे बच्चे समान रूप से अपने देश की गौरवमई संस्कृति एवं सभ्यता से अवगत हो सकें और वही बच्चे जब आगे चलकर देश का नेतृत्व करेंगे शासन एवं प्रशासन को संभालेंगे तो भारतवर्ष की प्राचीन प्रतिष्ठा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कक्षा 11 वीं की एनसीईआरटी की संस्कृत की पुस्तक में कुशल प्रशासन नाम से अध्याय है ,जिसमें भगवान श्रीराम ने भरत को शासन एवं प्रशासन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी है, यदि कोई बच्चा अभी से उसका अध्ययन कर लेता है ,तो आगे चलकर वह भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति से जुड़ा हुआ कुशल शासक एवं प्रशासक होगा इसमें कोई संदेह नहीं है, और वह इस प्रकार का ही एक प्रयास कर रहे हैं

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