Video: कांग्रेस विधायक के खिलाफ कॉलेज के निदेशक को धमकाने का मुकदमा दर्ज

Video: कांग्रेस विधायक के खिलाफ कॉलेज के निदेशक को धमकाने का मुकदमा दर्ज

द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट व एक कांग्रेस कार्यकर्ता के खिलाफ द्वाराहाट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। विपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रोद्यौगिकी संस्थान के प्रभारी निदेशक कृष्ण कांत सिंह मेर की ओर से विधायक व कांग्रेस कार्यकर्ता के खिलाफ थाने में तहरीर सौंपी गई थी। इधर, विधायक मदन सिंह बिष्ट ने भी प्रभारी निदेशक के खिलाफ थाने में तहरीर सौंपी है।

दरअसल, विधायक मदन सिंह बिष्ट एवं बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रभारी निदेशक कृष्णकांत सिंह मेर के बीच शनिवार रात हुई बातचीत का ऑडियो व रात 10 बजे विधायक के निदेशक के घर पहुंचने के बाद हुए हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। रविवार को दोनों पक्षों द्वारा थाना पहुंचकर तहरीर सौंपी है।

रात में हुए हंगामे के बाद प्रभारी निदेशक के एस मेर द्वारा थाने में दर्ज प्राथमिकी में कहा कि रात में नारायण रावत के फोन से विधायक द्वारा आपत्तिजनक और गाली गलौज की भाषा शैली बातचीत की। उसके बाद जब उन्होंने फोन नहीं उठाया तो विधायक घर में ही धमक गए। इस दौरान नारायण रावत ने उनके आवास का दरवाजा जोर से पीटते हुए माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया। निदेशक ने कहा कि इस मामले के दौरान उनकी पत्नी व बच्ची उनके साथ थी। इस प्रकरण के बाद उनका परिवार भयभीत हैं। उन्होंने परिवार को सुरक्षा देने की मांग उठाई है।

इधर निदेशक के प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विधायक मदन सिंह बिष्ट भी अपने समर्थकों के साथ थाने में पहुँचे। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करते हुए कहा कि चौखुटिया क्षेत्र भ्रमण से लौटने के बाद उनके द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेज मैस कर्मचारी, वेतन भोगी कर्मचारियों के संबंध में अपने प्रतिनिधि नारायण रावत के मोबाइल से कॉल की। संपर्क नहीं होने पर मेरे द्वारा 6 बार अपने नंबर से निदेशक को कॉल किया। लेकिन निदेशक द्वारा फोन नहीं उठाया गया। जिसके बाद निदेशक द्वारा प्रोटोकॉल और गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए मुझे अभद्र भाषा गेट लॉस्ट कहा गया है।

विधायक ने निदेशक पर भाजपा के इशारे पर मनमानी कार्य करने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि 15 दिन के भीतर निदेशक का स्थानांतरण नहीं किया गया तो इंजीनियरिंग कॉलेज के गेट पर समर्थकों के साथ धरना—प्रदर्शन व आमरण अनशन करेंगे। साथ ही ​इसे विशेषाधिकारी हनन मामले के तहत विधानसभा सत्र के दौरान सदन में उठाएंगे।