बिना ऑपरेशन वृद्धा के दिल का वाल्ब बदला, ओपन हार्ट सर्जरी के 11 साल बाद हुआ था खराब

बिना ऑपरेशन वृद्धा के दिल का वाल्ब बदला, ओपन हार्ट सर्जरी के 11 साल बाद हुआ था खराब

देहरादून, 22 जनवरी। ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 76 वर्षीय महिला के हृदय का वाल्व बिना किसी चीरा-चीरफाड़ के सफलतापूर्वक बदल दिया। यह उत्तराखंड और आसपास के राज्यों में अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें LAMPOON प्रोसीजर के माध्यम से किसी हृदय रोगी की जान बचाई गई है। इस उपलब्धि को चिकित्सा विज्ञान में ग्राफिक एरा अस्पताल का महत्वपूर्ण कीर्तिमान माना जा रहा है।

गंभीर हालत में लाई गई थीं मरीज

देहरादून निवासी इस बुजुर्ग महिला को हार्ट फेल्योर की गंभीर स्थिति में ग्राफिक एरा अस्पताल लाया गया था। उन्हें अत्यधिक सांस फूलने और पैरों में सूजन की शिकायत थी। वर्ष 2014 में महिला की ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी थी, जिसमें माइट्रल वाल्व बदला गया था। करीब 11 वर्ष बाद वही वाल्व दोबारा खराब हो गया, जिससे उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।

दोबारा ओपन हार्ट सर्जरी संभव नहीं

ग्राफिक एरा अस्पताल के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. राज प्रताप सिंह ने बताया कि मरीज की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दोबारा ओपन हार्ट सर्जरी संभव नहीं थी। वहीं, सामान्य ट्रांसकैथेटर माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट में भी गंभीर जोखिम था, क्योंकि इससे दूसरे वाल्व के बंद होने की आशंका थी। ऐसे में मरीज की जान बचाने का एकमात्र विकल्प LAMPOON तकनीक को अपनाना था।

LAMPOON तकनीक से बदला गया वाल्व

डॉ. राज प्रताप सिंह ने बताया कि इस अत्याधुनिक तकनीक के तहत पहले खराब हो चुके पुराने वाल्व को विशेष तरीके से काटकर रास्ता बनाया गया और फिर पैर की नस के जरिए नया वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी चीरे के की गई। उपचार के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देशभर में भी इस तकनीक से वाल्व बदलने के मामले बेहद सीमित हैं और यह उपलब्धि ग्राफिक एरा अस्पताल को अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करती है।

विशेषज्ञों की अनुभवी टीम

इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने वाली टीम में
डॉ. राज प्रताप सिंह के साथ वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉ. अखिलेश पांडेय,
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु राणा एवं डॉ. अभिषेक,
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. एस. पी. गौतम और डॉ. पराग कुमार शामिल रहे।

पहले भी बना चुका है कई कीर्तिमान

उल्लेखनीय है कि ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञ इससे पहले भी बिना ऑपरेशन हृदय वाल्व लीकेज का उपचार, हार्मोनल कुशिंग रोग का बिना मस्तिष्क ऑपरेशन इलाज, छोटे बच्चे में तीसरा पेसमेकर प्रत्यारोपण तथा बंद आहार नली को बिना सर्जरी खोलने जैसे कई दुर्लभ और जटिल मामलों में सफल उपचार कर चुके हैं।

चेयरमैन ने दी बधाई

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने इस उल्लेखनीय सफलता पर चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि मानव सेवा को मिशन मानकर ग्राफिक एरा अस्पताल अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। अत्याधुनिक लैब और आधुनिक संसाधन मरीजों को बेहतर और भरोसेमंद उपचार उपलब्ध करा रहे हैं।