नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत बुधवार, 28 जनवरी से हो गई। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
दो चरणों में आयोजित होगा बजट सत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संसद का यह बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा।
दूसरा चरण: संभावित रूप से 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।
इन दोनों चरणों के बीच का अंतराल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी और विभिन्न मंत्रालयों के खर्चों एवं योजनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
राष्ट्रपति का अभिभाषण, सरकार की दिशा का संकेत
राष्ट्रपति के अभिभाषण को बजट सत्र का अहम हिस्सा माना जाता है। यह अभिभाषण न केवल सरकार की अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित करता है, बल्कि आने वाले वित्तीय वर्ष में सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं का भी संकेत देता है।
बजट सत्र से अहम विधायी कार्यों की उम्मीद
बजट सत्र के दौरान केंद्रीय बजट पर चर्चा के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों के पेश होने और पारित होने की संभावना रहती है। इसके अलावा आर्थिक स्थिति, सामाजिक कल्याण योजनाओं और राष्ट्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में व्यापक बहस होती है।
तस्वीरों में दिखी संसदीय गतिविधियों की झलक
सत्र के पहले दिन संसद परिसर में चहल-पहल देखने को मिली। सांसदों की मौजूदगी, संयुक्त बैठक और औपचारिक कार्यवाही की तस्वीरों ने बजट सत्र की गंभीरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीवंत झलक पेश की।
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