Aadhaar में बदलाव: UIDAI ने हटाई C/O फ़ील्ड, पढ़िए क्या जुड़ेगा नई व्यवस्था में?

Aadhaar में बदलाव: UIDAI ने हटाई C/O फ़ील्ड, पढ़िए क्या जुड़ेगा नई व्यवस्था में?

नई दिल्ली। आधार कार्ड देश में पहचान और पते के प्रमाण के रूप में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। ऐसे में इससे जुड़ा कोई भी बदलाव सीधे तौर पर करोड़ों लोगों को प्रभावित करता है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Unique Identification Authority of India-UIDAI) ने आधार के एड्रेस फॉर्मेट में अहम बदलाव करते हुए C/O (Care Of) फ़ील्ड को हटाने का निर्णय लिया है।

क्या था C/O फ़ील्ड?

अब तक कई आधार कार्डों में पते के साथ C/O लिखा होता था, जिसका अर्थ होता था कि संबंधित व्यक्ति किसी अन्य सदस्य या परिवार के मुखिया के पते पर रह रहा है। यह व्यवस्था विशेष रूप से किराएदारों, संयुक्त परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों में आम थी।

क्यों किया गया बदलाव?

UIDAI के अनुसार, एड्रेस फॉर्मेट को अधिक स्पष्ट और मानकीकृत (स्टैंडर्ड) बनाने के उद्देश्य से C/O फ़ील्ड को हटाया गया है। इससे पते की प्रस्तुति अधिक साफ और एकरूप होगी।

नया विकल्प: Head of Family (HOF) आधारित पता अपडेट

अब यदि किसी व्यक्ति को परिवार के किसी सदस्य के पते के आधार पर अपना एड्रेस अपडेट करना है, तो वह ‘Head of Family (HOF) आधारित पता अपडेट’ विकल्प का उपयोग कर सकता है। इस प्रक्रिया में परिवार के मुखिया के आधार नंबर को आधार बनाकर अन्य सदस्य अपना पता अपडेट करा सकते हैं।

किन लोगों को होगा लाभ?

यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनके पास अपने नाम से अलग एड्रेस प्रूफ उपलब्ध नहीं है। जैसे—

  • छात्र
  • गृहिणियां
  • बुजुर्ग 
  • परिवार के साथ रहने वाले अन्य सदस्य

कैसे करें ऑनलाइन पता अपडेट?

  1. आधार की आधिकारिक ऑनलाइन सेवा पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. ‘HOF आधारित एड्रेस अपडेट’ विकल्प चुनें।
  3. आवश्यक जानकारी भरें और परिवार के मुखिया का आधार विवरण दर्ज करें।
  4. परिवार के मुखिया की सहमति और निर्धारित वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पता अपडेट किया जाएगा।

पुराने आधार कार्ड पर क्या असर?

जिन आधार कार्डों में पहले से C/O फ़ील्ड मौजूद है, वे तत्काल अमान्य नहीं होंगे। हालांकि, भविष्य में नए या अपडेटेड आधार फॉर्मेट में यह फ़ील्ड दिखाई नहीं देगी। ऐसे में यदि कोई पता अपडेट कराना चाहता है, तो HOF आधारित विकल्प अपनाना अधिक उपयुक्त रहेगा।

UIDAI का यह कदम आधार डेटा को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।