बेटियों को कैंसर से बचाने के लिए देशभर में शुरू होगा मुफ्त HPV टीकाकरण, जानें पूरी प्रक्रिया

बेटियों को कैंसर से बचाने के लिए देशभर में शुरू होगा मुफ्त HPV टीकाकरण, जानें पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली: केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) से बचाना और महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत करना है। भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के बीच दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल लगभग 80 हजार नए मामले सामने आते हैं और 42 हजार से अधिक महिलाओं की मौत इस बीमारी से हो जाती है। वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामले HPV संक्रमण, विशेष रूप से टाइप 16 और 18, के कारण होते हैं।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत Gardasil वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा, जो HPV टाइप 16 और 18 के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह एक नॉन-लाइव (गैर-जीवित) वैक्सीन है और इससे संक्रमण का खतरा नहीं होता। 2006 से अब तक दुनिया भर में इसकी 50 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता प्रमाणित होती है। बताया गया है कि निर्धारित आयु वर्ग की लड़कियों को दी गई एकल खुराक भी मजबूत और टिकाऊ सुरक्षा प्रदान करती है।

इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की लड़कियों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि इस उम्र में टीका वायरस के संभावित संपर्क से पहले अधिकतम सुरक्षा देता है। यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक और निःशुल्क होगा, ताकि सभी सामाजिक और आर्थिक वर्गों की बेटियां इसका लाभ उठा सकें। टीकाकरण आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला एवं जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। प्रत्येक सत्र प्रशिक्षित मेडिकल अधिकारियों की निगरानी में आयोजित होगा और किसी भी दुर्लभ दुष्प्रभाव की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी।

भारत इस कदम के साथ उन लगभग 160 देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में HPV वैक्सीन को शामिल किया है। वैश्विक स्तर पर 90 से अधिक देश सिंगल-डोज HPV कार्यक्रम लागू कर चुके हैं और कई देशों में व्यापक टीकाकरण के बाद संक्रमण तथा सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। सरकार ने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की है कि कार्यक्रम शुरू होने के बाद वे आगे आकर अपनी 14 वर्षीय बेटियों का टीकाकरण सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें भविष्य में इस गंभीर लेकिन रोके जा सकने वाले कैंसर से बचाया जा सके।