दुःखद: एक और पिता की हत्या, पापा के ऊपर लकड़ी, रजाई और कपड़ा डालकर बेटे ने जिंदा जलाया

दुःखद: एक और पिता की हत्या, पापा के ऊपर लकड़ी, रजाई और कपड़ा डालकर बेटे ने जिंदा जलाया

इटावा में बुजुर्ग किसान की संदिग्ध मौत का खुलासा, बेटे पर हत्या का आरोप

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर क्षेत्र स्थित निलोई गांव में एक बुजुर्ग किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस जांच के बाद मृतक के इकलौते बेटे को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है।

आरोप है कि इकलौते बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता को खाना खिलाने के बाद डंडों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया और फिर लकड़ी, रजाई और कपड़ों के बीच आग लगाकर जिंदा फूंक डाला। सुबह होने पर मौके पर पहुंच कर अपने पिता की कहानी गांव वालों को सुना डाली। 

26 जनवरी को ट्यूबवेल की कोठरी में मिला अधजला शव

पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन करीब 78 वर्षीय किसान मुन्नालाल का अधजला शव उनके ट्यूबवेल की कोठरी में मिला था। प्रारंभिक सूचना के बाद स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हत्याकांड की जांच करते हुए पुलिस ने इसका खुलासा किया है। करीब 78 साल के अपने पिता मुन्नालाल की डंडों से पीट कर हत्या करने के बाद इकलौते बेटे ने कोठरी में रखी लकड़ी आदि के अलावा कपड़ों को डाल करके जिंदा की आग के हवाले कर दिया। सुबह जब देखा गया तो करीब 90 फीसदी शव जलकर खाक हो गया था। 

पुलिस को घटनास्थल से क्या-क्या मिला?

बुजुर्ग की हत्या की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। हत्याकांड को लेकर के तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। घटनास्थल पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर आकर गहन जांच शुरू की तो पता चला कोठारी नमाज झोपड़ी के बाहर खून के कुछ निशान के अलावा टूटा हुआ एक डंडा भी बरामद किया गया।

हत्यारा बेटा पुलिस को टहलाता रहा

हत्या के शिकार हुए किसान के इकलौते बेटे गजराज सिंह ने इस बात की जानकारी दी थी की रात के 8 बजे करीब वह अपने पिता को खाना खिलाने के लिए आया था और उसके बाद सुबह जब आया तो उनका जलता हुआ शव बरामद किया गया। इकलौते बेटे ने अपने पिता की हत्या की आशंका भी जताते हुए अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस की गहन जांच में इस बात की जानकारी आई की बुजुर्ग किसान के पास करीब 45 बीघा के आसपास खेतिहर जमीन थी। इसमें से कुछ हिस्से को बुजुर्ग किसान का इकलौता बेटा गजराज बेचने के लिए दबाव डाल रहा था, लेकिन पिता अपनी जमीन को बेचने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद इकलौते बेटे ने अपने पिता को कोठरी नमाज झोपड़ी में जिंदा जला करके मौत के घाट उतार दिया। 

संपत्ति विवाद की आशंका

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक किसान के पास लगभग 45 बीघा कृषि भूमि थी। आरोप है कि जमीन को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर बेटे पर पहले मारपीट करने और बाद में आग लगाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास करने का आरोप है।

हालांकि, पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

सावधानी और सामाजिक संदेश

यह घटना पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों की ओर संकेत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति या घरेलू विवाद की स्थिति में कानूनी सलाह, पंचायत या पारिवारिक परामर्श का सहारा लेना चाहिए। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इससे कानूनी दंड के साथ-साथ सामाजिक और पारिवारिक नुकसान भी होता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पारिवारिक हिंसा की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय रहते हस्तक्षेप किया जा सके।