देहरादून: राज्य में परिवहन क्षेत्र में किए जा रहे तकनीक आधारित व्यापक सुधारों को केंद्र सरकार ने सराहा है। पूंजीगत निवेश योजना (SASCI) 2025-26 के तहत राज्य को 105.11 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है। साथ ही अप्रैल से पहले लागू किए गए सुधारों के लिए 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। इस तरह परिवहन विभाग, उत्तराखंड को कुल 125 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है।
ANPR कैमरों से ग्रीन सेस वसूली में देश में पहला राज्य
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां ANPR (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों के जरिए ग्रीन सेस की वसूली की जा रही है। इस प्रणाली में वाहनों को रोके बिना ही फास्टैग वॉलेट से ग्रीन सेस स्वतः कटकर संबंधित खाते में जमा हो जाता है।
राज्य में हाई-रिस्क और क्रिटिकल जंक्शनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट सिस्टम लागू किया गया है। अब तक 37 स्थानों पर ANPR कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिनमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 20 नए स्थान शामिल हैं। इन कैमरों के जरिए ट्रिपल राइडिंग, ओवरस्पीडिंग और बिना हेलमेट जैसे मामलों में रोजाना 5 हजार से अधिक ई-चालान किए जा रहे हैं।
वाहन स्क्रैपिंग नीति को भी बढ़ावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट और वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क सुरक्षा मजबूत हुई है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है।
राज्य में अब तक 564 सरकारी और 5861 निजी वाहनों सहित कुल 6425 वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है। इसके लिए 9.58 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
पुराने वाहनों को पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों में निस्तारित करने पर नए वाहन की खरीद पर विभिन्न श्रेणियों में रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की स्थापना
राज्य में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (ATS) की स्थापना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दो एटीएस को प्रीलिमिनरी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने पर 2.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।
सीएम धामी ने कहा कि केंद्र से मिली यह राशि राज्य में स्मार्ट, सुरक्षित और पारदर्शी परिवहन व्यवस्था विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।