चमोली: उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। थराली क्षेत्र के देवाल ब्लॉक के एक गांव में एक व्यक्ति ने पहले अपनी पत्नी और बेटे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया और बाद में खुद भी जान दे दी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार देवाल के ओड़र गांव का निवासी करीब 40 वर्षीय गजेंद्र सिंह गड़िया अपने परिवार के साथ रहता था। बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ था। शुक्रवार देर शाम अचानक उसने अपनी 37 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी देवी और सात वर्षीय बेटे मयंक पर धारदार हथियार (स्थानीय रूप से ‘थमाली’) से हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घर से शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसी तरह घायल मां-बेटे को बचाया और 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
घटना के बाद आरोपी गजेंद्र सिंह देर रात तक हाथ में हथियार लेकर गांव में घूमता रहा, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। देर रात वह शोर मचाते हुए जंगल की ओर चला गया। इसके बाद शनिवार सुबह जब वह गांव में नहीं लौटा तो परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में निकल पड़े।
खोजबीन के दौरान गांव से करीब 500 मीटर दूर जंगल में उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया।
थराली थाना प्रभारी विनोद चौरसिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गजेंद्र सिंह ने जंगल में जाकर आत्महत्या कर ली। वहीं गांव की प्रधान प्रेमा देवी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
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