कोटद्वार पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ, माइक्रो फाइनेंस से महिला सशक्तिकरण और पलायन रोकने पर मंथन

कोटद्वार पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ, माइक्रो फाइनेंस से महिला सशक्तिकरण और पलायन रोकने पर मंथन

कोटद्वार, 13 मार्च।  डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (Dr. Pitambar Datt Barthwal Himalayan Government Postgraduate College – Kotdwar) में वाणिज्य विभाग (Department of Commerce) के तत्वावधान में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन किया गया। “माइक्रो फाइनेंस फॉर वीमेन एम्पावरमेंट एंड रिडक्शन इन रूरल आउट-माइग्रेशन: माइक्रो एविडेंस फ्रॉम उत्तराखंड स्टेट (Micro Finance for Women Empowerment and Reduction in Rural Out-Migration: Micro Evidence from Uttarakhand State)” विषय पर आयोजित इस सेमिनार की शुरुआत सरस्वती वंदना, दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इस दौरान अतिथियों को बैज अलंकरण, उत्तरीय वस्त्र और स्मृति स्वरूप पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी.एस. नेगी (Principal Prof. D.S. Negi) ने मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा (Joint Director, Higher Education) प्रोफेसर आनंद सिंह उनियाल सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में सेमिनार के विषय की प्रासंगिकता, इसकी आवश्यकता और समाज में इसके महत्व को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र पौड़ी गढ़वाल (District Industries Centre – DIC Pauri Garhwal) के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग, मुख्य वक्ता प्रोफेसर कृष्ण कुमार वर्मा, एनटीपीसी बिजनेस स्कूल नोएडा (NTPC Business School, Noida – National Thermal Power Corporation Business School) से प्रोफेसर शिव रतन अग्रवाल, पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर जानकी पंवार, राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार भाबर के प्राचार्य प्रोफेसर हरीश चंद्र, राजकीय महाविद्यालय चौबट्टाखाल के प्राचार्य प्रोफेसर मुरलीधर कुशवाह, प्रोफेसर ज्योति खरे और प्रोफेसर वी.के. गुप्ता सहित अनेक शिक्षाविद मौजूद रहे।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रोफेसर आनंद सिंह उनियाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) को बढ़ावा देने और पलायन (Out-Migration) को रोकने के लिए माइक्रो फाइनेंस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस विषय पर गंभीर चिंतन और ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

सेमिनार की समन्वयक प्रोफेसर प्रीति रानी (Seminar Coordinator Prof. Preeti Rani) ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं आयोजन सचिव डॉ. अंशिका बंसल (Organizing Secretary Dr. Anshika Bansal) ने सेमिनार के विषय पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर कृष्ण कुमार वर्मा ने महिला सशक्तिकरण पर अपना शोध आधारित प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ ही प्रोफेसर शिव रतन अग्रवाल ने माइक्रो फाइनेंस और महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग ने भी उत्तराखंड में ग्रामीण महिलाओं के पलायन को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों को तथ्य और आंकड़ों के साथ विस्तार से प्रस्तुत किया। पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर जानकी पंवार ने भी अपने संबोधन में सेमिनार के विषय की उपयोगिता और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. एस.के. गुप्ता (Dr. S.K. Gupta) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. रोशनी असवाल (Dr. Roshni Aswal) ने किया।

सेमिनार के सफल आयोजन में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शोधार्थियों (Research Scholars) और एनसीसी कैडेट्स (NCC Cadets – National Cadet Corps) का विशेष सहयोग रहा।