देहरादून, 23 मार्च। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में ‘एडवांस्ड फूड प्रोसेसिंग’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को उन्नत फूड प्रोसेसिंग तकनीकों, सटीक पोषण (प्रिसिजन न्यूट्रिशन) और खाद्य नवाचारों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएसआईआर-सीएफटीआरआई, मैसूर की पूर्व निदेशक डॉ. श्रीदेवी अन्नपूर्णा सिंह ने कहा कि प्रोटीन केवल एक सामान्य पोषक तत्व नहीं, बल्कि शरीर के समुचित विकास और कार्यप्रणाली के लिए अत्यंत आवश्यक घटक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रोटीन की मात्रा के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक फूड प्रोसेसिंग तकनीकों के माध्यम से खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके पोषण मूल्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर कनाडा स्थित प्रोवेटा न्यूट्रिशन के निदेशक रजनीश त्यागी ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों के संयोजन से खाद्य एवं पेय उद्योग में नई संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि ये तकनीकें भविष्य में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ खाद्य प्रणाली के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगी।
कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा किया गया। इस दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार, डॉ. अंकिता डोभाल, डॉ. रवनीत कौर, डॉ. अरुण कुमार सहित अन्य शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में नवाचार और ज्ञानवर्धन का माहौल देखने को मिला, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
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