वायरल वीडियो: देसी जुगाड़, बिना LPG के बन रहे समोसे-जलेबी, प्रयागराज के अमन का अनोखा चूल्हा चर्चा में

वायरल वीडियो: देसी जुगाड़, बिना LPG के बन रहे समोसे-जलेबी, प्रयागराज के अमन का अनोखा चूल्हा चर्चा में

ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के बीच एलपीजी गैस सिलेंडर पूर्ती बहुत बाधित हुई है, साथ ही कमर्शियल  सिलेंडर  भी बढ़ गई है। पेट्रोल-डीजल को लेकर भी अफरा-तफरी मची हुई है। इस कमी के चलते रेस्टोरेंट, होटल और अन्य स्थानों पर एलपीजी गैस सिलेंडर का संकट आ गया है। जहां लकड़ी उपलब्ध है लोग चूल्हों पर भी खाना बना रहे हैं। 

इस बीच प्रयागराज से एक दिलचस्प और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां बढ़ती ईंधन संकट के बीच एक दुकानदार ने अनोखा समाधान निकाल लिया है। पेट्रोल-डीजल की किल्लत और एलपीजी सिलेंडर की कमी से जहां होटल-रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं, वहीं मीरापुर निवासी अमन कुमार गुप्ता बिना गैस के ही अपनी दुकान आराम से चला रहे हैं।

अमन कुमार गुप्ता 10वीं पास हैं 

10वीं पास अमन हरि मंदिर के पास समोसा-जलेबी की दुकान चलाते हैं। उन्होंने ऐसा देसी चूल्हा तैयार किया है, जिसमें एलपीजी की जरूरत ही नहीं पड़ती। खास बात यह है कि यह चूल्हा खराब मोबिल ऑयल से चलता है, जिससे वे रोजाना जलेबी और समोसे तैयार कर रहे हैं।

चूल्हा कैसे करता है काम 

अमन कुमार गुप्ता का यह देसी चूल्हा साधारण चूल्हों से अलग तरीके से काम करता है। इसमें टर्बाइन, कंप्रेसर और एयर प्रेशर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो ईंधन को अधिक प्रभावी तरीके से जलाने में मदद करता है।

सबसे पहले, एक टर्बाइन को घुमाया जाता है, जिससे कंप्रेसर सक्रिय हो जाता है। यह कंप्रेसर हवा को दबाकर (कंप्रेस करके) तेज प्रेशर के साथ आगे भेजता है। चूल्हे में दो पाइप लगे होते हैं—एक पाइप से खराब मोबिल ऑयल (ईंधन) जाता है और दूसरे पाइप से कंप्रेस्ड हवा (एयर प्रेशर) पहुंचती है।

जब यह दोनों—ऑयल और तेज प्रेशर वाली हवा—एक साथ मिलते हैं, तो ईंधन पूरी तरह और तेजी से जलता है। टर्बो चार्जर की मदद से ऑक्सीजन की सप्लाई और बढ़ जाती है, जिससे आग ज्यादा तेज और लगातार बनी रहती है।

ईंधन संकट के दौर में अमन का यह देसी इनोवेशन लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।