ग्राफिक एरा द्वारा रतूड़ा में जागरूकता सम्मेलन, ग्रामीणों को सिखाएं संक्रमण से बचने के तरीके

ग्राफिक एरा द्वारा रतूड़ा में जागरूकता सम्मेलन, ग्रामीणों को सिखाएं संक्रमण से बचने के तरीके

रुद्रप्रयाग, 23 जून। ग्राफिक एरा की टीम ने अगस्त्यमुनि ब्लॉक में ग्रामीणों को विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाव के गुर सिखाये। इसके लिए आयोजित जागरूकता सम्मेलन में चिकित्सकों ने ग्रामीणों को संचारी रोगों से बचने और सुरक्षित रहने के उपाय सिखाने के साथ ही 124 लोगों का उपचार भी किया। 

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के रतूड़ा गांव में आयोजित जागरूकता सम्मेलन में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के जर्नलिज्म के प्रोफेसर व निदेशक अवस्थापना डॉ० सुभाष गुप्ता ने ग्राफिक एरा के शानदार कीर्तिमानों और सामाजिक सरोकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राफिक एरा युवाओं को इस तरह प्रशिक्षित करता है कि वे देश-विदेश की विख्यात कंपनियों में ऊंचे पैकेज पाने के साथ ही बेहतरीन इंसान के रूप में भी अपनी पहचान बनाते हैं। डॉ० गुप्ता ने कहा कि चार धाम यात्रा मार्ग पर रहने, कारोबार करने, यात्रियों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को किसी भी तरह के संक्रमण से बचाना बहुत महत्वपूर्ण है। इन्हें संक्रमण से बचाकर पूरे क्षेत्र और दूसरे यात्रियों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

डॉ० रचित गर्ग ने कोविड के अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी तरह के संक्रमण से बचने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका कुछ दूरी रखना और दस्ताने इस्तेमाल करना है। किसी भी लेनदेन के बाद हाथ सैनिटाइज करना जरूरी है। रोग होने के बाद की परेशानियों से बचने के लिए ये सावधानियां बहुत सरल भी हैं और कारगर भी। 

ग्राफिक एरा अस्पताल देहरादून से आये डॉ० मुकुल चौहान ने कहा कि बार-बार हाथ धोना और किसी के सम्पर्क में आने से पहले मास्क लगाना आवश्यक है। डॉ० मारिशा पंवार ने कहा कि कोविड का बुरा दौर गुजर गया है, लेकिन सावधानियां बरतना जरूरी है क्योंकि देश विदेश से हर रोज हजारों यात्री उत्तराखंड आते हैं। इनमें संक्रमित व्यक्ति भी हो सकते हैं। 

डॉ० मारिशा ने कहा कि मंकी पॉक्स, डेंगू, हेपेटाइटिस, खसरा और किसी भी वायरस के जरिये फैलने वाले रोग से बचे रहने के लिए सतर्क रहना तथा सावधानियां बरतना आवश्यक है। ग्राफिक एरा अस्पताल देहरादून के डॉ० रोहित शर्मा ने संक्रमण से बचने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डालने के साथ ही किसी भी तरह का संक्रमण होने पर तत्काल बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। जागरूकता सम्मेलन का संचालन डॉ० हिमानी बिंजोला ने किया।

सम्मेलन के बाद ग्राफिक एरा के डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। गांव में 124 लोगों को विभिन्न रोगों के उपचार के लिए दवाएं दी गई। शिविर में इलाज के लिए पहुंचने वालों में आसपास के गांवों के लोग भी शामिल थे। सम्मेलन में पहुंचे सभी ग्रामीणों को संक्रमण से बचाव के लिए ग्राफिक एरा अस्पताल की ओर से एक एक किट भेंट की गई। सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट) के सहयोग से किया। सम्मेलन में ग्राफिक एरा से डॉ० विदुषी नेगी और अकबर नवाज भी शामिल हुए। 

रतूड़ा की ग्राम प्रधान लीला देवी, सामाजिक कार्यकर्ती सरला खंडूडी और राजेंद्र सिंह नेगी ने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी और यूकोस्ट का सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता सम्मेलन के आयोजन, रोगियों के निशुल्क उपचार, दवाएं देने और संक्रमण से बचाव के लिए किट उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया। इस टीम ने आज शाम तिलवाड़ा में भी पर्यटन से जुड़े लोगों को संक्रमण से  बचाव के तरीके सिखाने के साथ ही किट भी प्रदान कीं।

24 जून को ऐसा ही जागरूकता सम्मेलन का आयोजन टिहरी जनपद के कीर्ति नगर ब्लॉक के पेण्डुला गांव में किया जाएगा।

Please follow and like us:
Pin Share
RSS
Follow by Email