Rani Lakshmi Bai Jayanti: प्रधानमंत्री मोदी और यूपी मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए

Rani Lakshmi Bai Jayanti: प्रधानमंत्री मोदी और यूपी मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए

नारी शक्ति की मिसाल झांसी की रानी

आज (19 नवंबर) नारी शक्ति की मिसाल देने वाली रानी लक्ष्मीबाई की जयंती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय नारी शक्ति के शौर्य की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। पीएम मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रानी लक्ष्मीबाई को याद किया। रानी लक्ष्मीबाई ने भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम (1857-58) के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट में कहा: “भारतीय नारीशक्ति के पराक्रम की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जन्म-जयंती पर मेरा कोटि-कोटि नमन। विदेशी हुकूमत के अत्याचार के खिलाफ उनके साहस, संघर्ष और बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाली रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।

खूब लड़ी मर्दानी, वो झांसी वाली रानी ...

बता दें कि रानी लक्ष्मीबाई ने पहले स्वतंत्रता संग्राम 1857-58 में अहम भूमिका निभाई थी। रानी लक्ष्मी बाई ने इस संग्राम में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया था। रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 में हुआ था। रानी लक्ष्मीबाई ग्वालियर में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासकों के साथ लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।

रानी लक्ष्मीबाई का नाम पूरा नाम लक्ष्मीबाई नेवालकर था। वह मराठा साम्राज्य में झांसी की रानी थीं। उनका विवाह महाराजा गंगाधर राव नेवालकर के साथ हुआ था। उनका शुरुआती नाम मणिकर्णिका तांबे था और परिवार में उन्हें मनु के नाम से पुकारा जाता था।

दरअसल रानी लक्ष्मीबाई के पति का निधन होने के बाद अंग्रेजों ने उनके साम्राज्य को हड़प लिया था। अंग्रेजों ने रानी लक्ष्मीबाई के दत्तक पुत्र को वारिस मानने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठा लिया और जंग के मैदान में डटकर उनका सामना करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

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