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कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसेगी धामी सरकार, नियमों के उल्लंघन करने पर रद्द होगा रजिस्ट्रेशन

कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसेगी धामी सरकार, नियमों के उल्लंघन करने पर रद्द होगा रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड की धामी सरकार ने कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसने का फैसला लिया है। सरकार ने यह कदम छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए उठाया है। नए नियमों के तहत, अगर कोई कोचिंग सेंटर नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  1. नियमों का सख्ती से पालन: सभी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें भवन की सुरक्षा, फायर सेफ्टी, छात्रों की उपस्थिति आदि शामिल हैं।
  2. सख्त निरीक्षण: कोचिंग सेंटरों की नियमित रूप से जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
  3. छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि: सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। किसी भी कोचिंग सेंटर में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  4. गुणवत्ता पर जोर: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। इसके लिए कोचिंग सेंटरों को उच्च मानकों का पालन करना होगा।
  5. रजिस्ट्रेशन रद्द: नियमों का उल्लंघन करने पर कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा और उन्हें बंद करने के आदेश दिए जाएंगे।

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

उत्तराखंड सरकार राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटरों शिकंजा कसने जा रही है। इन संस्थानों पर नियंत्रण के लिए सरकार एक योजना बना रही है, जिसके तहत अगर कोई संस्थान नियमों का उल्लंघन करता है जुर्माने के साथ उसका रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस नीति का शुरूआती ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। राज्य में इसे लागू करने के लिए विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों ने सहमति दी है। इसी के साथ शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस विषय में कोचिंग सेंटर के संचालकों से भी सुझाव लिए जाएंगे।

हर जिले में नियुक्त होगा रजिस्ट्रेशन अधिकारी
बता दें कि केंद्र सरकार के द्वारा सभी राज्यों को कोचिंग सेंटरों पर नियंत्रण के लिए योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। इस नीति के अंतर्गत बने नियमों के अनुसार, सभी कोचिंग सेंटरों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए हर जिले में रजिस्ट्रेशन अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। साथ ही कोचिंग सेंटर में किसी भी तरह के विवाद को सुलझाने के लिए प्रत्येक जिले में अपीलीय प्राधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। वहीं संचालक को छात्र को फीस की रसीद भी देनी होगी। यदि कोई छात्र बीच में ही कोचिंग सेंटर को छोड़ता है, तो संस्थान को बची हुई फीस को 10 दिनों में लौटानी होगी। कोर्स के बीच में फीस में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

तीन बार नियमों के उल्लंघन करने पर रद्द होगा रजिस्ट्रेशन


छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सेंटर में एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा। इन नियमों की पहली बार उल्लंघना करने वाले संस्थानों को 25 हजार रुपए के जुर्माने के साथ चेतावनी दी जाएगी। वहीं दूसरी बार उल्लंघना करने पर 1 लाख तक का जुर्माना होगा। इसके बाद भी अगर कोई कोचिंग सेंटर नियमों का उल्लंघन करता है तो रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। 

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