उत्तराखंड सरकार ने कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब बिना लाइसेंस खुले में कुट्टू का आटा नहीं बेचा जा सकेगा। यह निर्णय तब लिया गया जब देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर से लिए गए छह सैंपलों में फंगस और मायकोटॉक्सिन की मौजूदगी पाई गई, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
क्या हैं नए नियम?
- केवल सीलबंद पैकेटों में बिक्री: अब कुट्टू का आटा केवल सीलबंद पैकेटों में ही बेचा जाएगा।
- पैकेट पर जरूरी जानकारी: पिसाई, पैकिंग, एक्सपायरी तिथि, विक्रेता का नाम और लाइसेंस नंबर का उल्लेख अनिवार्य होगा।
- रिकॉर्ड रखना जरूरी: सभी विक्रेताओं को खरीद-बिक्री का लिखित रिकॉर्ड रखना होगा।
- बिना लाइसेंस बिक्री पर कार्रवाई: बिना अनुमति खुले में कुट्टू का आटा बेचने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का सख्त रुख
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को सभी जिलों में इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर दोषियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया जाएगा।