उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ई.डब्ल्यू.एस (शहरी) आवासों का लाभ जिन लोगों को दिया गया है उनका पुन: सत्यापन किया जाए।
धामी ने गुरुवार को आवास विकास विभाग की बैठक के दौरान ये निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ सिर्फ पात्र लोगों को ही मिले। गलत तरीके से योजना का लाभ लेने वाले और देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, योजना के तहत आगे जो भी आवास आवंटन किए जाएं, यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र लोगों को ही मिले।
मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश
मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके साथ शहरों की धारण क्षमता का आकलन भी किया जाए। नगर क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ ही पौधारोपण पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि शहरी क्षेत्रों में प्राधिकरणों द्वारा पारित नक्शों के अनुरूप ही निर्माण कार्य हों। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से कार्य किए जाएं। आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवासों के नक्शे निर्धारित समयावधि में पास किए जाएं।
धामी ने दोनों मंडलों में एक-एक नए शहर विकसित किए जाने की दिशा में तेजी से कार्य करने के भी निर्देश दिए। इन शहरों को स्प्रिचुअल जोन के साथ क्लब किया जाए। उन्होंने राज्य में आवासीय आवश्यकता का मूल्यांकन करते हुए सभी वर्गों के लिए आवास की मांग का आकलन करने, भविष्य की आवश्यकताओं का अनुमान लगाने एवं उसके अनुरूप ठोस कार्ययोजना विकसित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने शहरों में भूमि का समुचित उपयोग, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का आवश्यकता अनुसार पुनर्विकास करने के भी निर्देश दिए।बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि आवास विकास विभाग आठ गेम चेंजर योजनाओं पर कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए 191 स्थानों पर पाकिर्ंग निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें 109 मल्टीलेवल, 10 टनल, 63 सफेर्स और 9 ऑटोमेटेड पाकिर्ंग हैं। 48 पार्किंग के निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 47 पर कार्य गतिमान है।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, उपाध्यक्ष, एमडीडीए, बंशीधर तिवारी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजीजी, मनोज पंत एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।