देहरादून। उत्तराखंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टिहरी गढ़वाल के शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल) की असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीमती सुमन को गिरफ्तार कर लिया है। वह इस मामले में दो अन्य आरोपी प्राइवेट व्यक्तियों — मोहम्मद खालिद और उसकी बहन सबीहा — के साथ साजिश में शामिल पाई गईं।
सीबीआई ने बताया कि आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कैसे खुली साजिश?
जांच में सामने आया कि—
- परीक्षा के दौरान आरोपी प्राइवेट व्यक्ति की बहन सबीहा ने किसी तरह प्रश्नपत्र का हिस्सा प्राप्त किया,
- जिसे उसने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन तक पहुंचाया,
- और असिस्टेंट प्रोफेसर ने प्रश्नों का कुछ हिस्सा हल करके आरोपी तक पहुंचाया,
- जिसके बाद परीक्षा हॉल में बैठे आरोपी मोहम्मद खालिद को उत्तर भेजे गए।
सीबीआई लंबे समय से मोबाइल फोन, डिजिटल डाटा और अन्य सबूतों की गहन जांच कर रही थी। पूछताछ में मिले साक्ष्यों के आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका स्पष्ट होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
उत्तराखंड सरकार ने पेपर लीक को लेकर बढ़ते विवाद के बीच यह मामला पहले ही सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था। जांच एजेंसी दो अन्य आरोपियों को पहले ही पुलिस हिरासत में ले चुकी है। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों ने साजिश की परतें खोलते हुए तीसरे आरोपी यानी असिस्टेंट प्रोफेसर की संलिप्तता भी उजागर कर दी।
जांच जारी
सीबीआई ने कहा कि यह एक गंभीर संगठित साजिश का मामला है और कई तकनीकी पहलुओं की जांच अभी जारी है। पेपर लीक गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।