यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पहली गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई ने पूर्व बेरोजगार संघ अध्यक्ष बॉबी पंवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। बॉबी पंवार को सोमवार को सीबीआई कार्यालय में पेश होने के लिए नोटिस दिया गया है।
कैसे खुला था मामला?
21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र के तीन पन्ने बाहर आने की जानकारी सबसे पहले बॉबी पंवार तक पहुँची थी। इसके बाद उन्होंने इसे मीडिया के सामने लाते हुए पेपर लीक की बात उजागर की। जल्द ही परीक्षा का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बेरोजगार संघ की शिकायत पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच से पता चला कि पेपर हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था।
अब तक की कार्रवाई
- आरोपी परीक्षार्थी खालिद ने केंद्र में छिपाए मोबाइल से पेपर का फोटो अपनी बहन साबिया को भेजा था।
- साबिया ने यह फोटो टिहरी स्थित सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजा।
- पुलिस ने खालिद और साबिया, दोनों को गिरफ्तार किया।
- शुरुआती जांच में सुमन चौहान को जानबूझकर शामिल नहीं पाया गया था, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया।
लेकिन CBI जांच में सुमन चौहान की भूमिका संदिग्ध मिली और शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को आरोपी को स्पेशल CBI कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बॉबी पंवार की प्रतिक्रिया
बॉबी पंवार ने कहा कि वे शुरू से ही इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे और अब नोटिस आने के बाद वे पूरी तरह जांच में सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा—
“देर आए दुरुस्त आए। हम शुरू से इस जांच के पक्ष में थे, और अब सीबीआई जो भी पूछताछ करेगी, उसमें पूरा सहयोग दिया जाएगा।”
मामला क्यों पहुंचा CBI तक?
धरनास्थल पर पहुँचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं के दबाव और गंभीर आरोपों को देखते हुए CBI जांच की संस्तुति की थी। इसके बाद सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर सीबीआई ने 26 अक्टूबर को मामला दर्ज किया।