डिजिटल अरेस्ट स्कैम: मुंबई की महिला से ₹3.71 करोड़ की ठगी

डिजिटल अरेस्ट स्कैम: मुंबई की महिला से ₹3.71 करोड़ की ठगी

नकली वर्चुअल कोर्ट, फर्जी जज और पुलिस अफसर बनकर जालसाजों ने रची साजिश

मुंबई (30 December 2025)। साइबर ठगों द्वारा रची जा रही “डिजिटल अरेस्ट स्कैम” की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें मुंबई के अंधेरी वेस्ट निवासी 68 वर्षीय महिला से ₹3.71 करोड़ की ठगी कर ली गई। जालसाजों ने खुद को मुंबई पुलिस, CBI अधिकारी और एक जज बताकर नकली वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से महिला को डराया और उसकी जीवनभर की जमा पूंजी ट्रांसफर करवा ली।

वेस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, पीड़िता धनलक्ष्मी सत्यनारायण राव नायडू को 18 अगस्त 2025 को सबसे पहले एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को “विजय पॉल” बताते हुए दावा किया कि वह उसे कोलाबा पुलिस स्टेशन से जोड़ रहा है।

इसके बाद महिला को WhatsApp पर वीडियो कॉल आए, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी “SK” बताया। उसने आरोप लगाया कि महिला के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर केनरा बैंक में खाता खोला गया, जिसके जरिए लगभग ₹6 करोड़ का अवैध लेन-देन हुआ है और उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है।


नकली दस्तावेज, धमकी और फर्जी वर्चुअल सुनवाई

आरोपियों ने महिला को कथित गिरफ्तारी से जुड़ा एक फर्जी दस्तावेज भेजा और चेतावनी दी कि यदि उसने सहयोग नहीं किया तो उसे और उसके परिवार को किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। उसे यह मामला किसी को न बताने के निर्देश दिए गए और 24 घंटे निगरानी में रखे जाने का डर दिखाया गया।

इसके बाद वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति जज की वेशभूषा में सामने आया, जिसने खुद को “जज चंद्रचूड़” बताया और वर्चुअल कोर्ट की सुनवाई का नाटक किया। महिला से कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर सवाल पूछे गए। निर्दोष होने की बात कहने के बावजूद, फर्जी जज ने उसकी जमानत खारिज करने की बात कहकर कॉल काट दी, जिससे महिला भयभीत हो गई।


‘वेरिफिकेशन’ के नाम पर करोड़ों रुपये ट्रांसफर

डर और गिरफ्तारी की धमकी के बीच आरोपियों ने महिला से कहा कि अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उसे अपनी संपत्ति का वेरिफिकेशन कराना होगा और इसके लिए बैंक खातों व म्यूचुअल फंड की 90–95 प्रतिशत राशि RTGS के जरिए “सुरक्षित खातों” में ट्रांसफर करनी होगी।

आरोपियों के झांसे में आकर महिला ने 18 अगस्त से अक्टूबर की शुरुआत तक अलग-अलग खातों में कुल ₹3.71 करोड़ ट्रांसफर कर दिए। जब जालसाजों ने और पैसे मांगने शुरू किए, रकम लौटाने में टालमटोल की और गिरफ्तारी की धमकी जारी रखी, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने साइबर पुलिस से संपर्क किया।


साइबर पुलिस की कार्रवाई जारी

साइबर पुलिस ने धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल सहित विभिन्न धाराओं में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिन बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई, उनकी जांच की जा रही है। इनमें गुजरात सहित अन्य राज्यों के खाते भी शामिल बताए जा रहे हैं।