देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में कार्बन क्रेडिट को लेकर संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य में कार्बन क्रेडिट की दिशा में किए जा रहे प्रयासों एवं संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए कार्बन क्रेडिट एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन सकता है। इसके लिए सभी विभागों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की संभावनाएं तलाशनी होंगी तथा इसे प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कार्बन क्रेडिट से जुड़े कार्यों के लिए पर्यावरण विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। शुरुआत में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाएगा, जिनमें शीघ्र और आसानी से सफलता प्राप्त की जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड में शीघ्र ही एक हजार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। परिवहन विभाग इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के माध्यम से कार्बन क्रेडिट अर्जित कर सकता है। इसके अलावा वन पंचायतों के माध्यम से वन विभाग और PACS के जरिए सहकारिता विभाग भी कार्बन क्रेडिट अर्जित कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन्हें बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने पर्यावरण विभाग को निर्देश दिए कि कार्बन क्रेडिट के लिए शीघ्र ही किसी सक्षम एजेंसी को ‘नॉलेज पार्टनर’ के रूप में जोड़ा जाए। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ इस दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, एपीसीसीएफ श्री एस.पी. सुबुद्धि सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं नाबार्ड के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।