देहरादून, 15 जनवरी। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियाँ और नेट ज़ीरो उत्सर्जन विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञ, शोधकर्ता और शिक्षाविद स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और भविष्य की ऊर्जा रणनीतियों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि इंटरनेशनल सोलर एलायंस के पूर्व महानिदेशक श्री उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि नेट ज़ीरो उत्सर्जन को केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास रणनीति के रूप में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में स्वच्छ ऊर्जा तकनीकें पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार सृजन का भी माध्यम बन सकती हैं।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में ऊर्जा की मांग तेज़ी से बढ़ेगी। वर्तमान में देश की लगभग 60 प्रतिशत ऊर्जा कोयले पर निर्भर है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा है और यह पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है।
सम्मेलन के दौरान दस तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोएनर्जी, उन्नत सोलर पीवी तकनीक और सतत ऊर्जा समाधान जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सम्मेलन में लगभग 120 प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग ले रहे हैं।
इस सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर क्लीन एनर्जी रिसर्च, आईआईटी रुड़की के सेंटर फॉर सस्टेनेबल एनर्जी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी के संयुक्त सहयोग से किया गया। सम्मेलन में कई प्रमुख वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Related posts:
- ग्राफिक एरा में राष्ट्रीय कार्यशाला, पर्यावरणीय समस्याओं के निदान के लिए सोलर एनर्जी बेहतर विकल्प
- ईंधन के रूप में अमोनिया बेहतरीन विकल्प, नेट जीरो हासिल करने पर ग्राफिक एरा में मंथन
- बोरिस जॉनसन ने मोदी की शून्य उत्सर्जन प्रतिबद्धता की सराहना की
- ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ही कार्बन उत्सर्जन रोकना महत्वपूर्ण: डॉ० सोमनाथ
- छठा विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन ग्राफ़िक एरा देहरादून में, रेजिलिएंट इंडिया पुस्तक का मुख्यमंत्री करेंगे विमोचन
- गांवों में अलख जगाने पहुंचा ग्राफिक एरा पेंडुला गांव में सिखाये संचारी रोगों से बचाव के तरीके