राष्ट्रपति के कहने पर भी राहुल गांधी ने नहीं पहना असम का पटका, BJP ने लगाया अपमान का आरोप
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित पारंपरिक ‘एट होम’ समारोह इस बार पूर्वोत्तर भारत (नॉर्थ-ईस्ट) की संस्कृति और परंपराओं को समर्पित रहा। समारोह की थीम, सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुति पूरी तरह नॉर्थ-ईस्ट राज्यों की विविधता को दर्शा रही थी। इसी कड़ी में सभी आमंत्रित अतिथियों का स्वागत पूर्वोत्तर के पारंपरिक ‘पटका’ पहनाकर किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि, विभिन्न देशों के राजदूत और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सम्मान स्वरूप इस पारंपरिक पटके को अपने कंधों पर धारण किया। हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस पटके को न पहनने को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।
राष्ट्रपति ने स्वयं भेंट किया था पटका: सूत्र
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं राहुल गांधी को यह पारंपरिक नॉर्थ-ईस्टर्न पटका भेंट किया था। दावा किया जा रहा है कि पूरे समारोह के दौरान राहुल गांधी एकमात्र ऐसे अतिथि रहे, जिन्होंने पटके को अपने कंधों पर नहीं डाला। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसे हाथ में रखा या अलग रखा।
सूत्रों का यह भी कहना है कि राष्ट्रपति द्वारा इस संबंध में उन्हें दो बार स्मरण कराए जाने के बावजूद राहुल गांधी ने पटका पहनने के बजाय उसे न पहनने का विकल्प चुना। इस व्यवहार को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सवाल उठाए हैं और इसे समारोह की थीम तथा पूर्वोत्तर संस्कृति के प्रति असंवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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