कोटद्वार में 4 जनवरी से सजेगा फुटबॉल का महाकुंभ, 71वें गढ़वाल कप का होगा भव्य आयोजन

कोटद्वार में 4 जनवरी से सजेगा फुटबॉल का महाकुंभ, 71वें गढ़वाल कप का होगा भव्य आयोजन

कोटद्वार (गढ़वाल)।
देवभूमि उत्तराखंड के खेल इतिहास की गौरवशाली पहचान गढ़वाल कप फुटबॉल प्रतियोगिता अपने 71वें संस्करण के साथ एक बार फिर युवाओं के जोश और प्रतिभा का मंच बनने जा रही है। स्व. शशिधर भट्ट स्मृति खेल संस्था के तत्वावधान में यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता 4 जनवरी से 11 जनवरी तक कोटद्वार स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित की जाएगी।

वर्ष 1956 से चली आ रही गढ़वाल कप प्रतियोगिता केवल एक फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के लिए करियर निर्माण, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का मजबूत आधार रही है। इस प्रतियोगिता से निकले सैकड़ों खिलाड़ी आज भारतीय सेना, उत्तराखंड पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और रेलवे जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में देश की सेवा कर रहे हैं।

सेना और खेलों का अटूट रिश्ता
प्रेस वार्ता के दौरान आयोजक सचिव लेफ्टिनेंट कर्नल चंद्रपाल पटवाल और अंतरराष्ट्रीय कोच सुनील रावत ने बताया कि पिछले वर्ष की प्रतियोगिता के प्रदर्शन के आधार पर 24 खिलाड़ियों का चयन भारतीय सेना में हुआ। उन्होंने कहा कि गढ़वाल कप उत्तराखंड के युवाओं के लिए अवसरों का द्वार खोलने वाला मंच बन चुका है।

देश की नामी टीमें लेंगी हिस्सा
इस बार टूर्नामेंट में 12 प्रतिष्ठित टीमें खिताबी मुकाबले के लिए मैदान में उतरेंगी। गत विजेता 16वीं गढ़वाल राइफल्स और उपविजेता देहरादून सिटी एफसी के बीच फिर से रोमांचक टक्कर देखने को मिलेगी।
इसके अलावा गढ़वाल हीरोज, कार्बेट एफसी, उत्तराखंड पुलिस, दिल्ली फुटबॉल क्लब सहित पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान की टीमें भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

नशे के खिलाफ खेल का संदेश
संस्था के सचिव सुनील रावत ने कहा कि गढ़वाल कप युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि कोटद्वार और आसपास के अधिक से अधिक युवा फुटबॉल से जुड़ें और प्रदेश का नाम रोशन करें।

आयोजन समिति पूरी तरह तैयार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्था के अध्यक्ष अरुण भट्ट, जिला फुटबॉल एसोसिएशन पौड़ी के पदाधिकारी, फुटबॉल एसोसिएशन कोटद्वार के प्रतिनिधि एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी देते हुए खेल प्रेमियों से इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।