उत्तराखंड में बिजली महंगी होने की तैयारी, 16.23% बढ़ोतरी के प्रस्ताव को यूपीसीएल बोर्ड की मंजूरी

उत्तराखंड में बिजली महंगी होने की तैयारी, 16.23% बढ़ोतरी के प्रस्ताव को यूपीसीएल बोर्ड की मंजूरी

देहरादून: उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने फरवरी माह के लिए बिजली दरों में 16.23 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे ऊर्जा निगम बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) को लेना है।

नई दरों के ऐलान की सूचना के बाद राज्यभर में घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से फ्यूल एंड पावर परचेज कास्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के तहत प्रस्तावित की गई है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल पर पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित ऊर्जा निगम बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान बिजली दरों से निगम को लगभग ₹10,078.47 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो रहा है, जबकि वास्तविक आवश्यकता ₹11,422.37 करोड़ की है। इस प्रकार करीब ₹1,343 करोड़ का राजस्व अंतर सामने आ रहा है, जिसकी भरपाई के लिए दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

निगम का कहना है कि राज्य में लगातार बढ़ती बिजली मांग, उत्पादन लागत और बाहर से बिजली खरीद की बढ़ती कीमतों के चलते यह कदम उठाया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि नियामक आयोग मंजूरी देता है तो घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर भी सीधा असर पड़ेगा।

प्रस्तावित दरों के तहत

  • 100 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए लगभग 56 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी, जिससे मासिक बिल करीब ₹56 तक बढ़ सकता है।
  • 200 यूनिट तक खपत पर लगभग 84 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे बिल में और अधिक बढ़ोतरी होगी।

फिलहाल यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग को भेजा जाएगा। आयोग की स्वीकृति के बाद ही नई दरें औपचारिक रूप से लागू होंगी। ऐसे में उपभोक्ताओं की निगाहें अब सरकार और नियामक आयोग के फैसले पर टिकी हुई हैं।