मध्यमवर्गीय जीवन और रोजगार की चुनौतियों पर आधारित ‘आखिरी विज्ञापन’ का लोकार्पण
देहरादून। 19 फरवरी 2026 को माया देवी विश्वविद्यालय में श्री अभिषेक गौड़ द्वारा लिखित पुस्तक ‘आखिरी विज्ञापन (उम्मीदें यहीं खत्म होती हैं)’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। पुस्तक का संयुक्त रूप से विमोचन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. आशीष सेमवाल, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल तथा प्रो-वीसी प्रोफेसर डॉ. संदीप विजय ने किया।
‘आखिरी विज्ञापन (उम्मीदें यहीं खत्म होती हैं)’ युवा जीवन के संघर्षों और चुनौतियों को केंद्र में रखकर लिखी गई एक संवेदनशील कहानी है। उपन्यास में अभिजीत, अनन्या और विप्लव जैसे पात्रों के माध्यम से रोजगार, परिवार, संगत और शौक जैसे विभिन्न सामाजिक पहलुओं को प्रमुखता से उभारा गया है।
लेखक अभिषेक गौड़ ने कहा कि किसी भी लेखक के लिए उसकी रचना केवल शब्दों का संग्रह नहीं होती, बल्कि समाज के उन चेहरों की अभिव्यक्ति होती है जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस उपन्यास की परिकल्पना करते समय उनके सामने किसी काल्पनिक नायक की छवि नहीं, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों का वास्तविक संघर्ष था, जो प्रतिदिन जीवन की अनिश्चितताओं से जूझता है।
उपन्यास विशेष रूप से एक पिता और पुत्र के अनकहे संघर्षों को सामने लाता है। जहां एक ओर पिता अपने अधूरे सपनों और बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित है, वहीं दूसरी ओर पुत्र अपनी पहचान बनाने और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती से गुजरता है। पुस्तक यह प्रश्न भी उठाती है कि क्या एक विज्ञापन वास्तव में किस्मत बदल सकता है या उसकी चमक के पीछे छिपी सच्चाई उम्मीदों का अंत बन जाती है।
लोकार्पण समारोह में कुलपति प्रो. आशीष सेमवाल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े होने के कारण विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। वर्तमान समय में युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक कौशल से भी सुसज्जित करना आवश्यक है। वाइस प्रेसिडेंट डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने युवा जीवन में रोजगार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तकनीकी और कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो-वीसी डॉ. संदीप विजय ने रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर पुस्तक लिखने के लिए लेखक को बधाई देते हुए कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक युवाओं को जीवन के संघर्षों से जूझने की प्रेरणा देगी और उन्हें नई दिशा प्रदान करेगी।