जयमाला के दौरान दूल्हे पर दुल्हन से मारपीट का आरोप, दोनों पक्षों में बड़ी झड़प फिर भी शादी संपन्न

जयमाला के दौरान दूल्हे पर दुल्हन से मारपीट का आरोप, दोनों पक्षों में बड़ी झड़प फिर भी शादी संपन्न

बराती-घराती में झड़प के बाद पुलिस हस्तक्षेप, स्थानीय लोगों की मध्यस्थता के बाद विवाह की शेष रस्में हुईं पूरी

बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) | उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शुक्रवार रात एक शादी समारोह के दौरान जयमाला कार्यक्रम के समय विवाद हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और अफरातफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में आपसी समझौते के बाद विवाह की शेष रस्में पूरी कराई गईं।

क्या है मामला?

घटना रामनगर कोतवाली क्षेत्र के गणेशपुर कस्बे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, गणेशपुर निवासी शत्रुघ्न की लड़की निशा की शादी बहराइच जिले के मुराइनपुरवा निवासी विशाल के साथ तय हुई थी। शुक्रवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बारात पहुंची और द्वार पूजा की रस्म संपन्न हुई।

रात करीब 11 बजे जयमाला कार्यक्रम के दौरान मंच पर काफी भीड़ एकत्र हो गई। जानकारी के अनुसार दूल्हे ने दुल्हन पर लात मार दी। इस बात पर दुल्हन के पिता बीच बचाव में आये तो दुल्हन ने उनसे भी बदतमीजी कर दी। कुछ लोगों का कहना है कि सेल्फी लेने को लेकर दूल्हा नाराज हुआ, उसने दुल्हन को सेल्फी बंद करवाने को कहा। साथ ही आरोप है कि दूल्हा नशे में था।   

झड़प में कई लोग घायल

विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि कुर्सियां और अन्य सामान फेंके गए, जिससे समारोह स्थल पर अफरातफरी मच गई। झड़प में दोनों पक्षों के कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया।

पुलिस की कार्रवाई और समझौता

सूचना पर डायल 112 और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों से बातचीत की गई। बाद में स्थानीय लोगों की मध्यस्थता से आपसी सहमति बनी और विवाह की शेष रस्में पूरी कराई गईं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आवश्यक कार्रवाई के लिए दोनों पक्षों को थाने तलब किया गया है।

दुल्हन का आरोप

दुल्हन ने आरोप लगाया कि जयमाला के दौरान उसके साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जिसके बाद विवाद बढ़ा। हालांकि मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की पुष्टि नहीं हुई है।