यहाँ शेयर ट्रेडिंग और IPO के नाम पर 37.85 लाख की साइबर ठगी

यहाँ शेयर ट्रेडिंग और IPO के नाम पर 37.85 लाख की साइबर ठगी

हल्द्वानी में शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 37 लाख 85 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक लिंक से शुरू हुआ जाल

हल्द्वानी निवासी नृपेन्द्र कुमार सिंह (मूल निवासी अमरोहा, उत्तर प्रदेश) के अनुसार, 2 नवंबर 2025 को उनकी फेसबुक आईडी पर IRFC की डायग्नोस्टिक रिपोर्ट से जुड़ा एक लिंक आया। लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके व्हाट्सएप पर एक नंबर से संदेश प्राप्त हुआ, जिसकी डीपी में महिला की तस्वीर थी और नाम ‘सिया वर्मा’ दर्शाया गया था।

आरोप है कि उक्त महिला ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर मोतीलाल ओस्वाल स्टॉक ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़ने को कहा। इसके बाद उन्हें “L002Threshold” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कथित रूप से ‘प्रोफेसर रामदेव अग्रवाल’ के नाम से शेयर टिप्स दी जाती थीं। ग्रुप में अन्य सदस्य लाभ के स्क्रीनशॉट साझा कर भरोसा दिलाते थे।

एप डाउनलोड कर आरटीजीएस से मंगवाई रकम

9 जनवरी 2026 को पीड़ित से एक फॉर्म भरवाया गया और फिर “L857-DMA Customer Service” नामक दूसरे ग्रुप में जोड़ा गया। वहां से “MOPIP” नाम का एप डाउनलोड कराया गया।

एप पर आईडी बनाने के बाद उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से रकम जमा करने को कहा गया। 22 जनवरी से 6 फरवरी 2026 के बीच उन्होंने कुल 37,85,000 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए।

एप पर लगातार मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो और धन जमा करने की मांग की गई। शक होने पर उन्होंने 18 फरवरी 2026 को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 23502260002552 बताई गई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पीड़ित का आरोप है कि अज्ञात व्यक्तियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कंप्यूटर संसाधनों का दुरुपयोग कर उन्हें ठगी का शिकार बनाया। साइबर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

साइबर पुलिस की सलाह

  • सोशल मीडिया पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • किसी भी निवेश से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापन करें।
  • व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए मिलने वाली निवेश सलाह से सतर्क रहें।
  • संदिग्ध लेन-देन होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।