देहरादून: सेवा संकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन 05 फरवरी से 08 फरवरी 2026 तक परेड ग्राउंड, देहरादून में किया जाएगा। चार दिवसीय इस सांस्कृतिक महोत्सव की संपूर्ण रूपरेखा आज प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा की गई।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सेवा संकल्प फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी ने बताया कि उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराओं, लोककला और लोकजीवन का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, साथ ही प्रदेश के प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को सम्मानित कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना है।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान समाज, गांव और प्रदेश को नई पहचान दिलाने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उत्तराखंड के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करकमलों द्वारा प्रदान किया जाएगा।
महोत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह होगी कि प्रदेश के 13 जिलों से आए कारीगर, किसान, शिल्पकार, लोक कलाकार, लघु उद्यमी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एक ही मंच पर अपने उत्पादों और कला का प्रदर्शन करेंगी। लगभग 100 स्टॉल पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को सशक्त बाजार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की अवधारणा को मजबूती देगी।
महोत्सव में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय उत्पाद, मिलेट्स, हस्तशिल्प और लोकसंस्कृति का जीवंत संगम देखने को मिलेगा। साथ ही बच्चों के लिए सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं तथा महिलाओं और बेटियों के लिए आत्म-सुरक्षा व सशक्तिकरण से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव की शुरुआत 05 फरवरी को प्रातः 11 बजे परेड ग्राउंड, देहरादून से निकलने वाली एक दिव्य और भव्य शोभायात्रा से होगी। शोभायात्रा में मां नंदा देवी, गोलज्यू महाराज सहित अन्य देवी-देवताओं की डोलियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जौनसारी, गढ़वाली, कुमाऊँनी, गोर्खाली व पंजाबी पारंपरिक वेशभूषा लोकसंस्कृति का अनुपम दृश्य प्रस्तुत करेंगी।
चार दिवसीय महोत्सव के दौरान देश-प्रदेश का नाम रोशन करने वाले प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें नरेंद्र सिंह नेगी, पवनदीप राजन, ललित मोहन जोशी, बी.के. सामंत, सौरभ मैठाणी, गोविंद दिगारी, खुशी जोशी, इंदर आर्या और रेशमा शाह सहित कई प्रतिष्ठित कलाकार सहभागिता करेंगे।
यह महोत्सव उत्तराखंड की गौरवशाली परंपराओं और लोकविरासत के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन का सशक्त प्रयास है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।
अंत में सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से देवभूमि उत्तराखंड की जनता, मीडिया बंधुओं और संस्कृति प्रेमियों से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनें और उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखने में सहभागी बनें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दायित्वधारी गीताराम गौड़ सहित फाउंडेशन से जुड़े अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।