उत्तराखंड: सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती से पहले वित्त और कार्मिक विभाग की मंजूरी अनिवार्य,आदेश जारी…

उत्तराखंड: सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती से पहले वित्त और कार्मिक विभाग की मंजूरी अनिवार्य,आदेश जारी…

देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती करने से पहले अब वित्त और कार्मिक विभाग की सहमति लेना अनिवार्य होगा। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

शासन द्वारा शिक्षा महानिदेशक को जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व में राज्य सरकार के विभिन्न शासनादेशों के माध्यम से छात्र संख्या के आधार पर माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के पद सृजित किए गए थे। लेकिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या लगातार घट रही है, जिससे कई स्थानों पर शिक्षकों के पद जरूरत से अधिक हो सकते हैं।

ऐसे में अब शिक्षकों की भर्ती से पहले संबंधित विभाग को वित्त और कार्मिक विभाग को प्रस्ताव भेजना होगा। इस प्रस्ताव में स्कूलों में वर्तमान स्वीकृत पदों की संख्या, छात्रों की संख्या, भर्ती का औचित्य और उससे जुड़ा वित्तीय व्ययभार का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा।

इस संबंध में शिक्षा महानिदेशालय के अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को भी पत्र जारी किया है।

तीन हजार से अधिक स्कूल बंदी की कगार पर
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या तेजी से घटने के कारण तीन हजार से अधिक स्कूल बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। कई स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या दस या उससे भी कम रह गई है।

वहीं, राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन माजिला ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले ही शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 2600 पद समाप्त किए जा चुके हैं और अब अन्य पदों को भी खत्म करने की तैयारी चल रही है। उनका आरोप है कि यह सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश है।