उत्तराखंड। उपनल संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। सुनवाई के दौरान उपनल संविदा कर्मचारी संघ के अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए बताया कि पहले ही खंडपीठ द्वारा नियमितीकरण के संबंध में आदेश जारी किया जा चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।
संघ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने मामले (उपनल कर्मचारी संघ बनाम आनंद बर्धन, मुख्य सचिव उत्तराखंड) की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की मांग की। इस पर न्यायालय ने गंभीरता दिखाते हुए सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
क्या है मामला?
उपनल कर्मचारी और वन विभाग के दैनिक श्रमिक लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। पूर्व में अदालत द्वारा आदेश दिए जाने के बावजूद इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारियों की ओर से अवमानना याचिका दायर की गई है।
इस मामले में अब अदालत की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां राज्य सरकार को अपने पक्ष और अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा देना पड़ सकता है।