देहरादून, 4 अगस्त। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता, रायपुर, देहरादून में आज IQAC के तत्वावधान में एक दिवसीय ‘IQAC ओरिएंटेशन एवं फैकल्टी डेवलपमेंट’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. डॉ. विनोद अग्रवाल, प्रो. डॉ. यतीश वशिष्ठ तथा IQAC की समन्वयक प्रो. डॉ. मधु थपलियाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. मधु थपलियाल ने NAAC की गुणवत्ता संस्कृति, पूर्व के सात मानदंडों और प्रस्तावित दस मानदंडों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सभी की साझा जिम्मेदारी है और सभी विभागों से अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण और गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति अपनाने का आह्वान किया। छात्र-केंद्रित शिक्षण पर बल देते हुए कहा गया कि आसपास के विद्यालयों से सतत संपर्क कर अधिकाधिक छात्रों को प्रवेश हेतु प्रेरित किया जाएगा।
इसी सप्ताह से विभिन्न मानदंडों के अनुसार डेटा संकलन प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी भी दी गई। डॉ. डिंपल भट्ट ने AISHE पोर्टल एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी। डॉ. प्रीतपाल ने छात्रवृत्ति सहित छात्र हितैषी योजनाओं के माध्यम से गुणवत्ता सूचकांकों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। प्रो. वशिष्ठ ने कहा कि महाविद्यालय का भविष्य उज्ज्वल है और नए प्राध्यापकों के आगमन से संस्थान को नई ऊर्जा मिली है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य ने IQAC टीम को साधुवाद दिया और कहा कि NAAC मूल्यांकन सामूहिक उपलब्धि है। सभी शिक्षक और कर्मचारी मिलकर दिशानिर्देशों के अनुसार कार्य करें तो महाविद्यालय उत्कृष्ट ग्रेड प्राप्त करेगा।
संचालन डॉ. मधु जौहटा ने किया और अंत में सभी का धन्यवाद किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. विजेंद्र लिंगवाल, डॉ. प्रीतपाल, डॉ. डिंपल भट्ट, डॉ. धर्मेंद्र राठौर, डॉ. रामचंद्र नेगी, डॉ. एम. पी. तिवारी, डॉ. डी.सी. बेवनी, डॉ. ममता रावत, डॉ. रेखा सिंह, डॉ. अंशु सिंह, डॉ. करुणा मिश्रा, डॉ. सतेंद्र कुमार, डॉ. नवीन, डॉ. दिनेश, डॉ. पूजा, डॉ. सुमन गुसाईं, डॉ. उमा पपनोई, डॉ. दिलबर सिंह नेगी, श्रीमती सोनिया तथा पुस्तकालयाध्यक्ष सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मधु जौहटा ने किया, और अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद दिया।