कैंचीधाम जाने वालों के लिए बड़ी खबर, कैंचीधाम तक पहुंचेगा रोपवे, ज्योलीकोट में बनेगा जंक्शन स्टेश

कैंचीधाम जाने वालों के लिए बड़ी खबर, कैंचीधाम तक पहुंचेगा रोपवे, ज्योलीकोट में बनेगा जंक्शन स्टेश

हल्द्वानी। नैनीताल और कैंचीधाम जाने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना को विस्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। काठगोदाम से हनुमानगढ़ी तक प्रस्तावित रोपवे को कैंचीधाम से जोड़ने की योजना पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में बुधवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने की।

रूट और स्टेशन को लेकर हुई चर्चा
बैठक में रोपवे के संभावित रूट, स्टेशन, पार्किंग, भूमि और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक के बाद अधिकारियों ने रानीबाग क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
प्रस्तावित काठगोदाम-नैनीताल रोपवे की लंबाई करीब 14.9 किलोमीटर बताई गई है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,800 करोड़ रुपये है। इसमें काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना के तहत करीब 58 टावर बनाए जाने की योजना है।

ज्योलीकोट से कैंचीधाम को जोड़ने की योजना
रोपवे नेटवर्क को कैंचीधाम तक विस्तार देने के लिए ज्योलीकोट को जंक्शन स्टेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां से कैंचीधाम की ओर रोपवे कनेक्शन देने की संभावना पर काम किया जा रहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक एक तरफ का किराया करीब 375 रुपये प्रति व्यक्ति बताया गया है। रोपवे की क्षमता एक दिशा में प्रति घंटे करीब 1,800 यात्रियों की प्रस्तावित है। रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक यात्रा करीब 20 से 25 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। हालांकि, रूट, किराया और अन्य व्यवस्थाएं तकनीकी अध्ययन और आगामी प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप से तय होंगी।

कैंचीधाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या
कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले नौ महीनों में करीब 50 लाख श्रद्धालु कैंचीधाम पहुंच चुके हैं। इससे क्षेत्र की पहाड़ी सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति को देखते हुए रोपवे को परिवहन के अतिरिक्त विकल्प के रूप में विकसित करने की योजना है।

रेलवे स्टेशन से रोपवे तक कनेक्टिविटी
यात्रियों की सुविधा के लिए काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर तक करीब 250 मीटर लंबे फुटओवर ब्रिज के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों को रोपवे स्टेशन तक बेहतर कनेक्टिविटी देना है।
इसके अलावा काठगोदाम, रानीबाग और ज्योलीकोट में पार्किंग विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया। रानीबाग में बड़ी पार्किंग के लिए एचएमटी परिसर की भूमि के इस्तेमाल की संभावना देखी जा रही है।


पर्यावरण और भूमि का भी होगा अध्ययन
रोपवे का प्रस्तावित क्षेत्र पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरता है। इसलिए निर्माण से पहले तकनीकी, भू-गर्भीय और पर्यावरणीय पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। भूमि से जुड़े मामलों और वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पर भी अधिकारियों ने चर्चा की है।
फिलहाल काठगोदाम-नैनीताल रोपवे को कैंचीधाम से जोड़ने की योजना प्रारंभिक और प्रशासनिक प्रक्रिया में है। अंतिम रूट और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं संबंधित अध्ययन के बाद तय की जाएंगी।