चमोली, 18 सितंबर। भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन की ओर से ऑपरेशन सद्भावना के तहत 19 और 20 सितंबर को बदरीनाथ में ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा माध्य’ रखी गई है। दो दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और सीमांत क्षेत्रों की विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
महोत्सव में गढ़वाली लोकनृत्य और लोकसंगीत के साथ विद्यालय एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। भारतीय सेना की ओर से विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सीमाओं की सुरक्षा और समाज के प्रति सेना की भूमिका से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
आयोजन का उद्देश्य बदरीनाथ और सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं तथा वहां के जीवन से लोगों को परिचित कराने के साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देने और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, कारीगरों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने अपनी प्रतिभा एवं उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। सीमांत गांवों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक महत्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सद्भावना के तहत सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आधारभूत सुविधाओं और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन और सेना के अनुसार, यह महोत्सव भी इसी उद्देश्य से स्थानीय समुदाय और संस्कृति को मंच देने की पहल है।
जिला प्रशासन और भारतीय सेना ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, कलाकारों तथा मीडिया प्रतिनिधियों से महोत्सव में सहभागिता करने का आह्वान किया है।