प्रदेश में 23 अक्टूबर से शुरु होगी EVM मशीनों की FLC

प्रदेश में 23 अक्टूबर से शुरु होगी EVM मशीनों की FLC

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 (SSR) की शुरुआत 12 नवंबर 2026 से होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। बैठक में ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत 23 अक्टूबर से प्रदेश के सभी जिलों में ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी हो सके।

12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची

डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

दावे और आपत्तियों की सुनवाई की प्रक्रिया 28 दिसंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

फॉर्म-7 आवेदन की सीमा भी बताई

बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने की सीमा के बारे में भी जानकारी दी गई। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की निर्धारित अवधि में कोई मतदाता आपत्तिकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन के दौरान एक व्यक्ति प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 12 से 20 अक्टूबर तक आयोजित विशेष अभियान के दौरान फॉर्म-6 के 1,00,744 आवेदन प्राप्त हुए हैं। फॉर्म-6 का उपयोग मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी और भाजपा, कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी तथा माकपा के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।