गैरसैंण/देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच संपन्न हो गया। सदन में सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक समेत कुल 10 विधेयक पारित कराए। कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार और अंकिता भंडारी प्रकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
भ्रष्टाचार और अंकिता भंडारी प्रकरण पर विपक्ष का प्रदर्शन
सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन के बाहर धरना दिया। विपक्ष भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने की मांग कर रहा था।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी रहा। विधायकों ने नियम 310 के तहत 210 करोड़ रुपये से जुड़े मामले पर चर्चा कराने की मांग की। विरोध के दौरान कांग्रेस विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी की। इस दौरान काले झंडे दिखाने और कागज फेंकने की घटना भी सामने आई। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
हंगामे के बीच पारित हुआ अनुपूरक बजट
विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसे स्थगित करना पड़ा। इसके बावजूद सरकार ने शोर-शराबे के बीच 7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक समेत 10 विधेयक पारित करा लिए।
अनुपूरक बजट के पारित होने से चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त व्यय के लिए बजटीय प्रावधान का रास्ता साफ हुआ। हालांकि, बजट की विभागवार राशि और विधेयकों के नामों का विवरण आधिकारिक दस्तावेजों से मिलान किया जाना चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष पर उठाए सवाल
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को नियम 58 के तहत सरकार को घेरने का अवसर मिला था, लेकिन उसने विरोध का रास्ता अपनाकर सदन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद किया। उनके अनुसार, नियम 310 के तहत तात्कालिक विषयों पर चर्चा की जाती है और विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है।
सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अंततः विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।