एसपी मोहम्मद मुश्ताक का कन्या पूजन बना चर्चा का विषय, सौहार्द की मिसाल पेश की

एसपी मोहम्मद मुश्ताक का कन्या पूजन बना चर्चा का विषय, सौहार्द की मिसाल पेश की

IPS Mohammad Mustaque Lalitpur SP: एसपी ने अपने हाथों से पखारे कन्याओं के पैर, पत्नी के साथ पूजन कर लिया आशीर्वाद

ललितपुर: उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) IPS मोहम्मद मुश्ताक इन दिनों अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर उन्होंने अपने घर पर पत्नी के साथ पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन किया। इस दौरान वे स्वयं कन्याओं के पैर पखारते और उनका आशीर्वाद लेते नजर आए।

यह वीडियो न केवल उनकी व्यक्तिगत आस्था को दर्शाता है, बल्कि समाज में ‘सर्व धर्म समभाव’ का संदेश भी दे रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इस पहल की सराहना करते हुए इसे भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बता रहे हैं।

मोहम्मद मुश्ताक वर्तमान में ललितपुर के एसपी पद पर तैनात हैं और वे 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका यह कदम धार्मिक सौहार्द की एक सकारात्मक तस्वीर पेश करता है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

संघर्ष और सफलता से भरी रही यात्रा

मोहम्मद मुश्ताक का जन्म 15 जून 1988 को बिहार के छपरा जिले के जनता बाजार गांव में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद जहीरुद्दीन गांव में कपड़ों की दुकान चलाते थे। उन्होंने 2008 में पटना विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

वर्ष 2011 में उन्हें बिहार पीसीएस में चयन मिला, लेकिन उन्होंने यह अवसर ठुकरा दिया। इसी वर्ष एसएसबी में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयनित होने के बावजूद उन्होंने वह नौकरी भी स्वीकार नहीं की। बाद में 2013 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर IRS अधिकारी के रूप में अपनी सेवा शुरू की।

2013 से 2016 तक उन्होंने गुजरात के राजकोट में डिप्टी कमिश्नर के रूप में कार्य किया। इस दौरान वे दिन में नौकरी और रात में सिविल सेवा की तैयारी करते रहे। आखिरकार 2016 में उन्होंने आईपीएस बनने का सपना साकार कर लिया।

पुलिस सेवा में प्रभावशाली कार्यकाल

आईपीएस प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली नियुक्ति झांसी में एएसपी के रूप में हुई। इसके बाद 2019 में वाराणसी के कैंट सर्किल में सीओ के रूप में कार्य किया और 2020 में आगरा सेक्टर में तैनाती रही। आगे चलकर उन्होंने करीब तीन वर्षों तक जीआरपी में एसपी के पद पर अपनी सेवाएं दीं।

‘ऑपरेशन मुस्कान’ से मिली पहचान

एक संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में पहचान बनाने वाले मोहम्मद मुश्ताक ने जीआरपी आगरा में रहते हुए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ और गाजियाबाद में ‘ऑपरेशन स्माइल’ के जरिए सराहनीय कार्य किया। इन अभियानों के तहत उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लगभग 600 बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में अहम भूमिका निभाई।

झांसी, वाराणसी और आगरा में उनके कार्यकाल को भी काफी सफल माना जाता है।

एकता और भाईचारे का संदेश

ललितपुर में वर्तमान तैनाती के दौरान उनका यह कन्या पूजन का वीडियो न केवल उनकी आस्था को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का मजबूत संदेश भी देता है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस पहल की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं और इसे ‘असली भारत’ की तस्वीर बता रहे हैं।