देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बाधित हैं, जबकि मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। एहतियातन देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, चमोली और पौड़ी गढ़वाल में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट तथा अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के बीच देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित होने पर डीएम ने तत्काल जेसीबी लगाकर मार्ग खोलने के निर्देश दिए और स्थायी समाधान के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
कार्लीगढ़ क्षेत्र में नदी किनारे रह रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने प्रशासन को पर्याप्त खाद्य सामग्री, बिजली-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी परिवारों का डेटा जिला कंट्रोल रूम में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, आपदा संभावित सपेरा बस्ती में नाले के ट्रीटमेंट और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 9 जुलाई को देहरादून में औसतन 25.75 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यमुना नदी खतरे के निशान पर बह रही है, जबकि गंगा और टोंस नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। भूस्खलन के कारण हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग तीन स्थानों पर बाधित है और जिले के 14 ग्रामीण मार्ग भी बंद हैं, जिन्हें खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।