देश की सीमाएं होंगी और सुरक्षित, मोदी सरकार बना रही चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड: अमित शाह

देश की सीमाएं होंगी और सुरक्षित, मोदी सरकार बना रही चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड: अमित शाह

नई दिल्ली,9 जुलाई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश की सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए सीमा रक्षक बलों, राज्य एवं जिला प्रशासन, केंद्र सरकार के संबंधित हितधारकों तथा स्थानीय नागरिकों के समन्वय से एक मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे सीमा सुरक्षा की व्यवस्था प्रतिक्रियात्मक (Reactive) से सक्रिय (Proactive) स्वरूप में बदल रही है।

अमित शाह ने कहा कि इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत स्वरूप मिला है। सम्मेलन में सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों, उनके समाधान और भविष्य की नीतिगत रणनीतियों पर व्यापक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में तटीय सीमा सुरक्षा को भी इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ और अधिक मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत की स्मार्ट बॉर्डर की परिकल्पना पर आधारित सीमा सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व की सबसे आधुनिक प्रणालियों में शामिल होगी। सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमांत क्षेत्र और सजग समाज ही राष्ट्र की सुरक्षा की मजबूत नींव हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद तथा नक्सलवाद के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन वर्षों में सरकार नारकोटिक्स तस्करी के नेटवर्क को गंभीर क्षति पहुंचाकर इस चुनौती पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी।

अमित शाह ने कहा कि सरकार देश को घुसपैठ से मुक्त बनाने और भविष्य में घुसपैठ की किसी भी संभावना को समाप्त करने के लिए मजबूत तंत्र विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले समस्याएं स्थायी और समाधान अस्थायी होते थे, जबकि मोदी सरकार समस्याओं की जड़ पर प्रहार कर स्थायी समाधान सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने सीमा क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास में 400 प्रतिशत की वृद्धि की है। साथ ही वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत देश के अंतिम गांव को “प्रथम गांव” के रूप में विकसित करने की अवधारणा पर काम किया जा रहा है, जिससे पलायन रुके, रोजगार बढ़े और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ लोगों तक पहुंचे।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनसांख्यिकी परिवर्तन का अध्ययन करने, असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि की पहचान करने और उसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में जनसांख्यिकी परिवर्तन का प्रमुख कारण घुसपैठ है और मोदी सरकार इसे रोकने के लिए कठोर एवं प्रभावी रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।