आईटीआई के 170 पाठ्यक्रम होंगे और आधुनिक, हर तीन साल में होगा अपडेट; AI, ड्रोन, EV जैसे ट्रेड शामिल

आईटीआई के 170 पाठ्यक्रम होंगे और आधुनिक, हर तीन साल में होगा अपडेट; AI, ड्रोन, EV जैसे ट्रेड शामिल

नई दिल्ली। देशभर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में पढ़ने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने आईटीआई के पाठ्यक्रमों को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप लगातार अपडेट करने का फैसला किया है। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप आईटीआई पाठ्यक्रमों की समीक्षा हर पांच वर्ष के बजाय हर तीन वर्ष में की जाएगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), साइबर सिक्योरिटी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में 32 नए आधुनिक कौशल पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) देशभर के आईटीआई नेटवर्क के माध्यम से 170 एनएसक्यूएफ (NSQF) आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है। सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) से अनुमोदित हैं और इन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किया जाता है।

उद्योगों की जरूरतों के अनुसार होगा पाठ्यक्रम में बदलाव

मंत्रालय के अनुसार, पाठ्यक्रमों की समीक्षा एक सतत प्रक्रिया है। इसमें नई तकनीकों, उद्योग 4.0, कृत्रिम मेधा (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्वचालन, हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डिजिटल स्किल्स, उद्यमशीलता, कार्यस्थल सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे विषयों को शामिल किया जा रहा है।

पाठ्यक्रम तैयार करने और संशोधित करने से पहले राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों, सेक्टर स्किल काउंसिल, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI), शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और नियोक्ताओं से व्यापक परामर्श किया जाता है, ताकि प्रशिक्षण सीधे रोजगार की आवश्यकताओं से जुड़ सके।

AI, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे 32 नए ट्रेड

डीजीटी ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 32 आधुनिक ट्रेड शुरू किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, साइबर सिक्योरिटी असिस्टेंट, ड्रोन पायलट, ड्रोन टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, मेकाट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक, सेमीकंडक्टर टेक्नीशियन, 5जी नेटवर्क टेक्नीशियन, ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन टेक्नीशियन, सोलर टेक्नीशियन, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग असिस्टेंट और IoT टेक्नीशियन जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल हैं।

महिलाओं को मिलेगा अधिक अवसर

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने सभी सरकारी और निजी आईटीआई में 30 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की अनुमति दी है। इसके अलावा ड्रेस मेकिंग, सिलाई प्रौद्योगिकी, फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, कॉस्मेटोलॉजी और स्पा थेरेपी सहित सात विशेष ट्रेड महिलाओं के लिए संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि निर्धारित योग्यता पूरी करने वाली महिला अभ्यर्थी सभी 170 पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की पात्र हैं।

40 पाठ्यक्रमों का हो चुका है पुनरीक्षण

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने के बाद अब तक 40 आईटीआई पाठ्यक्रमों का पुनरीक्षण किया जा चुका है। शेष पाठ्यक्रमों को भी तकनीकी प्रगति, उद्योगों की मांग और हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से अपडेट किया जाएगा।

मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार का उद्देश्य आईटीआई शिक्षा को आधुनिक तकनीकों और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है, ताकि प्रशिक्षुओं की रोजगार क्षमता बढ़े और उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा सके।

सरकार का मानना है कि पाठ्यक्रमों में समय-समय पर बदलाव और आधुनिक तकनीकों का समावेश भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ देश के कौशल विकास मिशन को भी नई गति देगा।