Top Banner
अब जमीन का भी होगा आधार नंबर, जानें One Nation, One Registration Program के बारे में

अब जमीन का भी होगा आधार नंबर, जानें One Nation, One Registration Program के बारे में

रेनबो न्यूज़ इंडिया * 4 जनवरी 2022

केंद्र सरकार ‘वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम’ के तहत जमीन के लिए एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने की तैयारी कर रही है, जिसका जिक्र बजट 2022 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया है।

बजट 2022 के मुताबिक अब लैंड का डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड रखा जाएगा, इसके लिए IP बेस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जमीनों के कागजात की मदद से डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।

केंद्र सरकार ने 2023 तक देशभर से लैंड रिकॉर्ड को डिजिटल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बता दें, कि आने वाले दिनों में एक क्लिक पर आपकी जमीन से संबंधित दस्तावेज आपके सामने होंगे। देश में कहीं भी किसी भी जगह पर आप अपनी जमीन से संबंधित जानकारी हासिल कर पाएंगे।

डिजिटल लैंड रिकार्ड के फायदे

डिजिटल लैंड रिकार्ड से लोगों को कई तरह से फायदे मिलते हैं।इसे 3C फार्मूले के तहत बांटा जाएगा, जिससे सबको फायदा मिलेगा। इनमें सेंट्रल ऑफ रेकॉर्ड, कलेक्शन ऑफ रेकॉर्ड, कन्वेनियंस ऑफ रिकॉर्ड से आम जन को काफी फायदा पहुंचेगा। इसके तहत आपकी जमीन को 14 डिजिट का एक ULPIN नंबर यानी यूनिक नंबर जारी किया जाएगा। इसे आप जमीन का आधार नंबर भी कह सकते हैं।

जमीन खरीदने और बेचने में नहीं होगी कोई परेशानी

ULPIN नंबर के जरिए जमीन के क्रय-विक्रय में कोई परेशानी नहीं होगी। जमीन के क्रेता और विक्रेता की पूरी डिटेल सबके सामने होंगे। भविष्य में अगर उस जमीन का बंटवारा भी किया जाता है तो उस जमीन का भी आधार नंबर अलग हो जाएगा। डिजिटल रिकॉर्ड होने से सबसे पहले जमीन की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

ड्रोन की मदद से नापी जाएगी जमीन

जमीन की पैमाइश ड्रोन कैमरे से की जाएगी, जिसमें गलती की गुंजाइश न के बराबर होगी।इस पैमाइश को सरकारी डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। डिजिटल रिकॉर्ड होने से कोई भी व्यक्ति अपने शहर के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपनी जमीन की जानकारी ले सकेगा।

Please share the Post to: