सर्दियों में बच्चों की डाइट में तिल को जरूर करें शामिल, मिलते हैं ये जबरदस्त फायदे…

सर्दियों में बच्चों की डाइट में तिल को जरूर करें शामिल, मिलते हैं ये जबरदस्त फायदे…

सर्दियों में बच्चों को तिल-गुड़ जरूर खिलाएं, क्योंकि इससे कई तरह के पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है जो बच्‍चे दूध पीने में आनाकानी करते हैं उन्हें ये लड्‌डू जरूर खिलाएं। बच्चों को तिल-गुड़ के लड्‌डू और चिक्की जरूर खिलाएं, क्योंकि तिल-गुड़ कंबाइंड कैल्शियम का सोर्स होता  है। जो लोग दूध नहीं पीते, लैक्टोज की समस्या है या फिर कोलेस्ट्रोल बढ़ा है तो उन्हें सर्दियों में तिल-गुड़ जरूर खाना चाहिए। बच्चों को लड्‌डू दे रहे हैं तो उसमें ड्राय फ्रूट्स मिला दें, यह दिमाग को तेजी से विकसित करता है और नर्व सेल्स को डेमेज होने से रोकता है। तिल खाने से बच्‍चे का हाजमा भी दुरुस्‍त रहता है। 

आइए जानते हैं क‍ि छोटे बच्‍चे को पहली बार कब खिलाएं त‍िल 

तिल छोटे बच्‍चों को एक साल के बाद ही डाइट में तिल शाम‍िल करना चाह‍िए। पहले शिशु तिल को सही से पचा नहीं पाता है। ऐसे में 1 साल के बाद ही बच्चे की डाइट में तिल को शामिल करना चाहिए। सुरक्षा के तौर पर छोटे बच्चे को तिल देने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

तिल खाने से बच्‍चे को फायदे –

 तिल प्रोटीन का बढ़िया स्‍त्रोत हैं। एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर तिल खाने से बच्‍चे की इम्‍यून‍िटी तेज होती है। 

तिल में जरुरी फैटी एसिड होते हैं ज‍िससे बच्‍चे का दिमाग तेज होता है।

 तिल कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत होता है, जो हड्डियों का विकास करने और मजबूती बनाए रखने के लिए जाना जाता है।

ग्रोइंग एज में अगर बच्‍चों को भरपूर कैल्शियम मिले तो उनकी हाइट भी अच्‍छी होती है।

तिल में आयरन की समृद्ध मात्रा होती है। आयरन शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाकर एनीमिया के जोखिम से बचा सकता है।

तिल में फाइबर पाया जाता है। फाइबर को पाचन क्रिया को बेहतर करने के लिए जाना जाता है। इससे पेट की समस्या और मोटापे से भी बचा जा सकता है।

तिल लिवर को हेल्‍दी रखने में मदद करते हैं जिससे बच्‍चों में जॉन्डिस, हैपेटाइटिस जैसी बीमारियां होने की आशंका कम हो जाती है।

बच्चे को तिल और गुड़ का मिश्रण देने से रात में बार-बार बिस्तर गीला करना और पेशाब नली में जलन होने की समस्या से राहत मिल सकती है। 

तिल में एंटी ऑक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. एंटी ऑक्‍सीडेंट फ्री रैडिकल से नुकसान होने वाले सेल्‍स को दुबारा से हील करने में मदद करते हैं और यह स्किन, बाल और शरीर के कई अंगों को हेल्‍दी रखने में मदद करते हैं।

तिल में एनर्जी की भरपूर मात्रा होती है, जो उनके शरीर की ऊर्जा को बढ़ाता है। इससे बच्चे दिनभर फुर्तीले रहते हैं।