देहरादून/नई दिल्ली: उत्तराखंड के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त एवं खाते) राहुल विजय को 232 करोड़ रुपए के गबन के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है।
तीन साल तक चलता रहा घोटाला
आंतरिक ऑडिट में खुलासा हुआ कि वर्ष 2019-20 से 2022-23 के बीच आरोपी राहुल विजय ने प्राधिकरण के खातों से रकम अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर की।
- पहले छोटे-छोटे लेनदेन किए गए, बाद में करोड़ों की रकम हड़प ली गई।
- राहुल ने फर्जी वर्क ऑर्डर बनाकर ठेकेदारों के नाम पर रकम जारी करवाई और असली रकम ठेकेदारों के खाते में भेजी, जबकि नकली वर्क ऑर्डर की रकम खुद अपने खातों में डलवाई।
- आरोपी ने 17 संपत्तियों की फर्जी खरीद कागजों पर दिखाकर करीब 189 करोड़ रुपए अपने खाते में डलवाए।
- इसके अलावा 43 करोड़ की फर्जी एंट्रियां भी की गईं।
कैसे हुआ खुलासा?
18 अगस्त को एएआई के वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त) चंद्रकांत पी ने सीबीआई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि आंतरिक जांच में वित्तीय खातों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी पाई गई है।
सीबीआई की कार्रवाई
सीबीआई ने शिकायत दर्ज कर केस की जांच शुरू की और दिल्ली से आरोपी राहुल विजय को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने एयरपोर्ट पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होने का फायदा उठाया और तीन अलग-अलग आईडी बनाकर करोड़ों का घोटाला अंजाम दिया।