उत्तरकाशी। भारतीय संस्कृति और देवभूमि की परंपराओं से प्रभावित होकर अब विदेशी युवतियां भी हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर जीवनसाथी चुन रही हैं। शनिवार को भटवाड़ी ब्लॉक के आदर्श पर्यटक ग्राम बार्सू में लंदन की मेलोडी और रुद्रप्रयाग जाखणी निवासी अक्षय नेगी ने श्री वासुकी नाग देवता मंदिर प्रांगण में हिंदू विधि-विधान से सात फेरे लेकर विवाह के पवित्र बंधन में बंधे।
विवाह समारोह में स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक ढंग से मेहमानों का स्वागत किया और पूरा वातावरण देवभूमि की संस्कृति की महक से भर उठा। विवाह को रुद्रप्रयाग से आए पंडित अजय नौटियाल और वधु पक्ष से आए पंडित राजीव नौटियाल ने सम्पन्न कराया। कन्या पक्ष से लुईस बॉन, केजी बॉन, एलएस बुश समेत लगभग 30 विदेशी मेहमान और पूरे बार्सू गांव के ग्रामीण इस अनोखे विवाह के साक्षी बने। विदेशी मेहमानों ने उत्तराखंडी लोकगीतों पर जमकर थिरक कर सभी का दिल जीत लिया।
गढ़वाली परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने बारातियों का स्वागत-सत्कार किया और पारंपरिक डोली में दुल्हन की विदाई की गई, जिसे देखकर विदेशी मेहमान भी भावुक नजर आए। दूल्हे की दादी चंद्रा देवी, माता दीपा नेगी और अन्य परिजनों ने ग्रामीणों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
अक्षय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेडिंग डेस्टिनेशन इन उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने के उद्देश्य से उन्होंने बार्सू में विवाह करने का निर्णय लिया।
मेलोडी और अक्षय दोनों ट्रैकिंग से जुड़े हुए हैं। कर्नाटक में पहली मुलाकात के बाद दोनों की दोस्ती हुई और ट्रेकिंग अभियानों के दौरान यह रिश्ता और गहरा होता गया। वे बार्सू, दयारा बुग्याल, सूर्य टॉप जैसे स्थानों पर पर्यटक दलों को साथ लेकर जाते थे। इसी दौरान उनकी दोस्ती प्रेम में बदल गई। मेलोडी बताती हैं कि उन्होंने बार्सू में पारंपरिक शादी और त्योहारों को नजदीक से देखने के बाद निश्चय कर लिया था कि वह अपनी शादी श्री वासुकी नाग मंदिर में ही करेंगी। शनिवार को उनका यह सपना पूरा हुआ और उन्होंने गढ़वाली रीति-रिवाज से शादी कर नया जीवन शुरू किया।
यह अनोखा विवाह एक बार फिर साबित करता है कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता अब विदेशी नागरिकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है।