देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कुल 7 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई, जबकि शिक्षा विभाग के दो प्रस्तावों को फिलहाल स्थगित किया गया है। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सौरभ बहुगुणा भी मौजूद रहे।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय:
1. पर्यावरण संरक्षण विभाग की रिपोर्ट सदन में रखे जाने को मंजूरी
पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लेखा-जोखा को विधानसभा के सदन पटल पर रखा जाएगा।
2. अभियोजन विभाग में 46 नए पद
अभियोजन संवर्ग ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इसके तहत 46 अतिरिक्त सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) के पद सृजित किए जाएंगे।
3. ऊर्जा विभाग की वित्तीय रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी
ऊर्जा विभाग की वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन (2022–23) को सदन में प्रस्तुत करने की मंजूरी।
4. महिला कर्मचारियों को रात में काम की अनुमति
अब राज्य के दुकानों और निजी प्रतिष्ठानों में महिला कर्मचारी रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक भी काम कर सकेंगी। इसके लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान अनिवार्य होंगे।
5. दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी
उत्तराखण्ड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन एवं सेवा शर्त) अधिनियम 2017 की कई धाराओं में संशोधन अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी।
6. देहरादून में मेट्रो नियो परियोजना को कैबिनेट की सहमति
देहरादून शहर में मेट्रो नियो प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय के सुझावों को कैबिनेट के समक्ष रखा गया और परियोजना पर मार्गदर्शन हेतु सहमति बनी।
7. मानव-वन्य जीव संघर्ष राहत नियमावली में संशोधन
मानव-वन्य जीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली 2025 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
दो प्रस्ताव स्थगित
शिक्षा विभाग से संबंधित दो प्रस्तावों को पुनः परीक्षण के निर्देश देते हुए स्थगित किया गया है।
पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि
कैबिनेट बैठक की शुरुआत राज्य आंदोलनकारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर की गई। उनके योगदान को भी याद किया गया।
कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश में कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, परिवहन और शहरी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।