बदरीनाथ धाम के कपाट आज दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के क्षण को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। कपाट बंद होते ही पूरा परिसर ‘जय बद्री विशाल’ के जयकारों से गूंज उठा।
10 क्विंटल फूलों से सजा था धाम
कपाट बंदी के अवसर पर पूरे बदरीनाथ मंदिर को 10 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था।
21 नवंबर से ही धाम में शीतकालीन प्रक्रियाएं शुरू हो गई थीं। इसके तहत गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट क्रमवार बंद किए गए थे।
इसी के साथ वेद ऋचाओं का वाचन भी शीतकाल के लिए समाप्त कर दिया गया है।