टिहरी जिले के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को आखिरकार पीजी कॉलेज का दर्जा मिल गया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद अब यहां उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा—विशेषकर एमएससी नर्सिंग—की पढ़ाई औपचारिक रूप से शुरू हो सकेगी। चिकित्सा शिक्षा सचिव आर. राजेश कुमार ने मंगलवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
सभी औपचारिकताएं पूरी – PG कॉलेज का रास्ता साफ
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शासन पहले ही 14 अगस्त 2025 को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी कर चुका है। इसके बाद 12 नवंबर 2025 को एक निरीक्षण समिति गठित की गई थी, जिसने 14 नवंबर को कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कॉलेज में PG पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था
समिति की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार—
- परिसर में कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, मल्टीपरपस हॉल और आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है।
- एमएससी नर्सिंग के लिए आवश्यक सभी विशेष कक्षाएं भी मौजूद हैं।
- क्लीनिकल ट्रेनिंग के लिए जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और CHC नरेंद्रनगर (50 बेड) उपलब्ध हैं।
- संस्थान के पास कुल 71,900.33 वर्गफीट क्षेत्रफलक है, जिसमें
- 32,452.97 वर्गफीट शैक्षणिक क्षेत्र
- 39,447.36 वर्गफीट हॉस्टल क्षेत्र शामिल है।
15 सीटों के साथ शुरू होगा MSc नर्सिंग कार्यक्रम
निरीक्षण समिति ने कॉलेज में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 सीटों की संस्तुति की है। सचिव ने बताया कि कॉलेज में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन, स्टाफ और प्रशिक्षण ढांचा मौजूद है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
पहाड़ी जिलों को मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि इस फैसले से विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार होगी, जिससे पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ों में आधुनिक, प्रशिक्षित और बेहतर नर्सिंग सुविधाएं विकसित हों।