देहरादून: बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केंद्र पर शिकंजा, कई गंभीर खामियां उजागर

देहरादून: बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केंद्र पर शिकंजा, कई गंभीर खामियां उजागर

देहरादून। राजधानी देहरादून के रायपुर क्षेत्र स्थित रांझावाला में संचालित तपस्थली काउंसलिंग पुनर्वास एवं नशामुक्ति केंद्र बिना वैध पंजीकरण के चलते हुए पाया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने एसीएमओ, मनोचिकित्सक और एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की संयुक्त टीम के साथ केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नशामुक्ति केंद्र का पंजीकरण दिसंबर 2024 में ही समाप्त हो चुका है और इसके नवीनीकरण से संबंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। जिस व्यक्ति के नाम पर केंद्र पंजीकृत है, वह लंबे समय से गायब बताया गया है। इस मामले में डीएलएसए की ओर से संबंधित विभागों को कड़ी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।

मौत के बाद बढ़ी सख्ती
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2025 को इसी नशामुक्ति केंद्र में भर्ती 32 वर्षीय नीरज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक की बहन रोशनी देवी ने केंद्र संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रायपुर थाने और जिला प्रशासन को शिकायत दी थी। इसके बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ी और केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव
निरीक्षण टीम को केंद्र में कई आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव मिला। यहां मनोचिकित्सक, काउंसलर, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, योग प्रशिक्षक, ऑक्सीजन सिलिंडर और लैब जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। मरीजों के रिकॉर्ड अधूरे पाए गए और कई दाखिले फॉर्म में अभिभावकों की सहमति भी नहीं थी।
केंद्र में वर्तमान में 35 मरीज भर्ती बताए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कई मरीज छह महीने से अधिक समय से केंद्र में रह रहे हैं और उनसे ही खाना बनवाने, साफ-सफाई, योग सिखाने और काउंसलिंग जैसी गतिविधियां करवाई जा रही हैं। किसी भी बाहरी प्रशिक्षित कर्मचारी की नियुक्ति नहीं पाई गई।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
एएनटीएफ की उपनिरीक्षक प्रेरणा चौधरी ने बताया कि इससे पहले भी नियमों की अनदेखी पर केंद्र के खिलाफ दो बार पुलिस अधिनियम के तहत चालान किया जा चुका है और दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। ताजा निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद एक बार फिर पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध और बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि मरीजों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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