राजधानी देहरादून में जमीन दिलाने के नाम पर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। आरोपियों ने एक बैंक अधिकारी और एक महिला से लाखों रुपये लेकर न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही रकम वापस की। पीड़ितों की शिकायत पर थाना नेहरू कॉलोनी और कोतवाली पटेल नगर में मुकदमे दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है
पहले मामले में माजरा स्थित एक बैंक शाखा में कार्यरत बैंक अधिकारी सुनील कुमार ने थाना नेहरू कॉलोनी में शिकायत दर्ज कराई है। सुनील कुमार भारतीय वायु सेवा से सेवानिवृत्त भी हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में विवेक बद्री नाम का व्यक्ति उनके बैंक में आया और जोगीवाला क्षेत्र में विशाल मेगा मार्ट के पीछे जमीन बेचने का प्रस्ताव रखा। कुछ दिन बाद विवेक बद्री एक अन्य व्यक्ति सूरत सिंह राणा को बैंक लेकर आया और जमीन के लिए टोकन मनी देने को कहा।
विवेक बद्री के कहने पर सुनील कुमार ने सूरत सिंह राणा को 50 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद 3 जनवरी 2024 को जमीन की डील फाइनल करने के नाम पर विवेक बद्री ने और रकम की मांग की। इस पर पीड़ित ने अपनी पत्नी और बेटी के माध्यम से साढ़े पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह रकम संजीव नामक व्यक्ति के खाते में भेजी गई। कुछ समय बाद जब पीड़ित ने एग्रीमेंट और रजिस्ट्री की बात की तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया। थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने विवेक बद्री, सूरत सिंह राणा और संजीव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र का है। पथरी बाग निवासी साक्षी ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें देहरादून में जमीन की आवश्यकता थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात रौनक अली से हुई, जिसने बताया कि करगी ग्रांट क्षेत्र में विनोद कुमार निवासी बिजनौर की जमीन है और उसे बेचने का अधिकार उसी के पास है। आरोपी ने जमीन दिखाकर साढ़े आठ लाख रुपये में सौदा तय किया और पूरी रकम ले ली।
पीड़िता के अनुसार 19 जून 2010 को उनके नाम रजिस्ट्री भी कर दी गई, लेकिन बाद में जांच करने पर पता चला कि जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। जब साक्षी ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। कोतवाली पटेल नगर पुलिस ने आरोपी रौनक अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।