देहरादून नगर निगम ने तेज की टैक्स वसूली, 1500 कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू

देहरादून नगर निगम ने तेज की टैक्स वसूली, 1500 कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू

देहरादून: नगर निगम में वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही चल रही है और टैक्स वसूली के लक्ष्य को पूरा करने के लिए निगम ने प्रयास तेज कर दिए हैं। नगर निगम ने टैक्स राजस्व बढ़ाने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) से कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों की सूची मंगाई है, जिस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में करीब 1500 ऐसे कॉमर्शियल प्रतिष्ठान सामने आए हैं, जिन्होंने अब तक टैक्स भुगतान शुरू नहीं किया है।

नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए टैक्स वसूली का लक्ष्य करीब 75 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि अब तक लगभग 40 करोड़ रुपये का राजस्व निगम को प्राप्त हो चुका है। शेष लक्ष्य को हासिल करने के लिए टैक्स इंस्पेक्टरों द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों से संपर्क किया जा रहा है, जो टैक्स दायरे में आते हैं लेकिन भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही वार्डों में कर वसूली के लिए विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं।
नगर निगम द्वारा नए निर्माण पर टैक्स निर्धारण कर वसूली की जा रही है। इसके लिए एमडीडीए से पिछले तीन वर्षों में पास हुए नक्शों का रिकॉर्ड मंगाया गया है। जांच में सामने आया है कि इस अवधि में देहरादून जिले में करीब 3000 नए कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों का निर्माण हुआ है, जिनमें से लगभग 1500 नगर निगम क्षेत्र में आते हैं। इन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर मूल्यांकन के बाद टैक्स भुगतान के लिए कहा जा रहा है।

अब तक करीब 500 प्रतिष्ठानों से संपर्क कर नोटिस भेजे जा चुके हैं। टैक्स भुगतान को आसान बनाने के लिए नगर निगम के जोनल कार्यालयों में कर वसूली शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा करदाताओं को व्हाट्सएप के माध्यम से रिमाइंडर मैसेज भेजकर समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि टैक्स वसूली को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एमडीडीए के साथ-साथ यूपीसीएल और जल संस्थान जैसी अन्य एजेंसियों के उपलब्ध डाटा के साथ समन्वय बनाकर करदाताओं की पहचान की जा रही है। टैक्स वसूली के लिए लगाए गए कैंप अगले महीने भी जारी रहेंगे, ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।